आदित्यपुर: पिछले करीब 13 वर्षों से चले आ रहे सहारा- सेबी विवाद की त्रासदी ने एक और परिवार को तोड़ दिया है. इस लंबे कानूनी संघर्ष की चपेट में आकर सहारा के सीनियर अभिकर्ता झूमकलाल का शनिवार देर रात निधन हो गया. बताया जाता है कि लंबे समय से आर्थिक तंगी और गंभीर बीमारी से जूझ रहे झूमकलाल हालात के आगे हार गए. इलाज, घरेलू जिम्मेदारियां और लगातार बढ़ते मानसिक दबाव ने उन्हें इस कदर जकड़ लिया कि वे इससे उबर नहीं सके.

झूमकलाल सहारा की आदित्यपुर शाखा के संस्थापक सदस्यों में गिने जाते थे. वे मृदुभाषी, मिलनसार और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे. सहारा समूह के संस्थापक दिवंगत सुब्रत रॉय के वे चहेते अभिकर्ताओं में शामिल थे और वर्षों तक पूरी निष्ठा से संस्थान की सेवा करते रहे.
अपने निधन के बाद झूमकलाल पत्नी, दो छोटे- छोटे पुत्रों और छोटे भाइयों को असहाय स्थिति में छोड़ गए हैं. सहारा- सेबी विवाद के कारण पूरा परिवार वर्षों से घोर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा था. नियमित आय बंद हो जाने और बकाया भुगतान न मिलने के कारण परिवार का जीवन अत्यंत कठिन हो गया था.
गौरतलब है कि निवेशकों से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में सहारा और सेबी के बीच विवाद सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. वर्षों बीत जाने के बावजूद सेबी यह साबित करने में अब तक असफल रही है कि सहारा के निवेशक फर्जी हैं. मामला शीर्ष अदालत में तारीखों और कानूनी दांव- पेंच में उलझा हुआ है.
केंद्र सरकार की पहल पर निवेशकों को भुगतान के लिए सीआरसी पोर्टल के माध्यम से वैकल्पिक व्यवस्था जरूर दी गई, लेकिन तकनीकी जटिलताओं और प्रक्रियागत कठिनाइयों के कारण यह व्यवस्था अधिकांश निवेशकों और एजेंटों के लिए राहत नहीं बन सकी. नतीजतन करोड़ों निवेशक और हजारों एजेंट आज भी भुगतान की आस में भटक रहे हैं. इस विवाद के चलते सैकड़ों एजेंट भुखमरी, बीमारी और मानसिक अवसाद के कारण असमय काल का शिकार हो चुके हैं. वहीं सरकारी जांच एजेंसियों की दबिश लगातार बढ़ती जा रही है और सहारा समूह के कई उच्चाधिकारी जेल भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक इस पूरे प्रकरण का कोई ठोस और सकारात्मक निष्कर्ष सामने नहीं आ सका है.
वरिष्ठ अभिकर्ता झूमकलाल की मौत ने सहारा से जुड़े हजारों एजेंटों और निवेशकों को गहरे सदमे में डाल दिया है. यह निधन केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है, जिसमें वर्षों की मेहनत, भरोसा और जीवनभर की पूंजी आज भी न्याय की प्रतीक्षा कर रही है.

