रांची: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ऑपरेशन “रक्षक” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे टीटीई बनकर यात्रियों से ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से ठगी की नकद राशि, सात मोबाइल फोन तथा अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया है. मामले में जीआरपी रांची ने प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है.



जानकारी के अनुसार, 25 जुलाई 2026 को रेलवे सुरक्षा बल, पोस्ट रांची को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग रेलवे अधिकारी एवं टीटीई बनकर यात्रियों को कन्फर्म टिकट दिलाने का झांसा देकर उनसे पैसे वसूल रहे हैं. सूचना के आधार पर रांची रेलवे स्टेशन पर विशेष जांच एवं निगरानी अभियान चलाया गया.
अभियान के दौरान यूटीएस बुकिंग कार्यालय के पास दो संदिग्धों महेश साहनी और चंदन कुमार को पकड़ा गया. पूछताछ के दौरान पीड़ित उमर साद खान ने बताया कि दोनों आरोपियों ने कन्फर्म टिकट दिलाने के नाम पर उससे ₹2,000 लेकर ठगी की और टिकट उपलब्ध कराए बिना भागने का प्रयास कर रहे थे.
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से ठगी की ₹2,000 नकद राशि और कई मोबाइल फोन बरामद किए गए. पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर रेलवे स्टेशन परिसर से गिरोह के दो अन्य सदस्य सीतल राय और संतोष साहनी को भी गिरफ्तार कर लिया गया.
पूरे अभियान में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. उनके कब्जे से सात मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें दो मोबाइल चोरी के होने का संदेह है.
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे रेलवे अधिकारी और टीटीई बनकर यात्रियों को कन्फर्म टिकट दिलाने का झांसा देते थे और उनसे पैसे की ठगी करते थे. साथ ही चोरी के मोबाइल फोन भी अपने पास रखते थे.
प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी, प्रतिरूपण (Personation), आपराधिक षड्यंत्र तथा संदिग्ध चोरी की संपत्ति रखने के आरोप पाए जाने पर चारों आरोपियों, बरामद सामान और आवश्यक दस्तावेजों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी रांची को सौंप दिया गया. इस संबंध में जीआरपी रांची ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2), 317(2), 318(4) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
इस सफल अभियान में आईपीएफ शिशुपाल कुमार, एसआई बसंत मलिक, पवन कुमार, कमल दास, एएसआई शक्ति सिंह तथा स्टाफ मुन्तज़िर अंसारी, अफरोज आलम और राजू गुरूंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
रिपोर्ट: शुभम मिश्रा





