रामगढ़: जिले में अवैध कोयला खनन एक बार फिर चार परिवारों के लिए काल बन गया. अरगड्डा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित एक कोयला खदान में जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण चार मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई. हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है.


प्राप्त जानकारी के अनुसार, मजदूर अवैध रूप से खोदी गई खदान में कोयला निकालने का काम कर रहे थे. इसी दौरान खदान के भीतर जहरीली गैस का प्रभाव बढ़ गया और ऑक्सीजन की कमी हो गई. बताया जाता है कि अंदर फंसे मजदूरों की तलाश में दो अन्य मजदूर भी खदान में गए, लेकिन वे भी बाहर नहीं निकल सके.
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन की टीम ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद सभी मजदूरों को खदान से बाहर निकाला गया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. हालांकि चिकित्सकों ने जांच के बाद चारों को मृत घोषित कर दिया.
मृतकों की पहचान छोटकी टोंगी निवासी देव कुमार बेदिया (25) और डब्ल्यू बेदिया (26) तथा सिरका बुध बाजार निवासी किशोर रवानी (26) और आशीष रजवार (29) के रूप में हुई है. हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया. मृतकों के घरों में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
यह घटना एक बार फिर अवैध कोयला खनन के उस खतरनाक और कड़वे सच को उजागर करती है, जहां आर्थिक मजबूरियों के कारण मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने को विवश हैं. साथ ही यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि आखिर अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई के दावों के बावजूद ऐसे खतरनाक खदान कैसे संचालित हो रहे हैं. फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. वहीं स्थानीय लोगों ने अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
रिपोर्ट: शुभम मिश्रा

