जमशेदपुर/ सरायकेला बहुचर्चित युवा कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की गुत्थी लगभग सुलझने का दावा किया जा रहा है. पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले में आठ लोगों की संलिप्तता सामने आई है और इनमें सात पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं. बुधवार देर शाम पुलिस की ओर से मामले का आधिकारिक खुलासा किए जाने की संभावना है. हालांकि पुलिस के खुलासे से पहले सामने आ रही जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.


पुलिस सूत्रों के मुताबिक गैंगस्टर अखिलेश सिंह के करीबी रहे विक्रम शर्मा की मौत के बाद उसके नेटवर्क को संभाल रहे अशोक सिंह राघव की भी इस मामले में भूमिका सामने आई है. सूत्रों के अनुसार अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह का चालक सुनील रजक, सोनारी निवासी कथित शूटर रितेश, अंकित सिंह, प्रदीप सिंह, प्रिंस और अनुभव यादव (सभी यूपी से) पुलिस की गिरफ्त में हैं. अभिमन्यु सिंह और शिबू फरार चल रहा है. शिबू संजीव सिंह हत्याकांड मामले का आरोपी रहा है. अशोक सिंह राघव फिलहाल टाटा मुख्य अस्पताल में पुलिस कस्टडी में इलाजरत बताया जा रहा है.
अखिलेश सिंह को बताया जा रहा मास्टरमाइंड, 10 लाख की सुपारी का दावा
पुलिस सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार हत्याकांड की साजिश का तार दुमका जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह से जुड़ने का दावा किया जा रहा है. सूत्रों का दावा है कि अभिमन्यु सिंह ने कथित तौर पर 10 लाख रुपये में सुपारी ली थी. उसके चालक की भूमिका निखार की रेकी से लेकर वारदात के बाद शूटरों को निकलने में मदद करने तक बताई जा रही है. वहीं अशोक सिंह राघव पर कथित तौर पर अपराधियों को फंडिंग उपलब्ध कराने का आरोप सामने आ रहा है. इन तमाम दावों पर पुलिस की आधिकारिक मुहर लगनी अभी बाकी है.
निशाने पर गणेश सिंह गिरोह होने का दावा
सूत्रों के मुताबिक इस पूरे घटनाक्रम में निशाने पर गैंगस्टर गणेश सिंह और उससे जुड़े अन्य लोग थे. हत्या के पीछे सर्किट हाउस क्षेत्र के एक जमीन विवाद की भूमिका की भी जांच किए जाने की बात सामने आ रही है. निखार की हत्या उसी गैंगवार या आपसी रंजिश की कड़ी थी अथवा इसके पीछे कोई दूसरा कारण था, इसका स्पष्ट जवाब पुलिस के आधिकारिक खुलासे के बाद ही मिल सकेगा.
24 अगस्त को टेंथ माइल स्टोन रिसोर्ट के समीप हुई थी हत्या
गौरतलब है कि 24 अगस्त को युवा कारोबारी निखार सबलोक की सरायकेला- खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-33 स्थित टेंथ माइल स्टोन रिसोर्ट के समीप गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. घटना के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए कोल्हान डीआईजी के निर्देश पर जमशेदपुर एसएसपी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई थी. जांच में सरायकेला- खरसावां और जमशेदपुर पुलिस के तीन दर्जन से अधिक पदाधिकारियों को लगाया गया था. अब सबकी निगाहें पुलिस के आधिकारिक खुलासे पर टिकी हैं. इससे यह साफ हो सकेगा कि हत्या की वास्तविक वजह क्या थी, किसने साजिश रची, किसने सुपारी दी और वारदात को अंजाम देने में किसकी क्या भूमिका रही.

