बोड़ाम: झारखंड आंदोलनकारी एवं बोड़ाम प्रखंड के बड़ा सुसनी निवासी दुबराज कुंभकार (65) का मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को हार्ट अटैक से निधन हो गया. दोपहर करीब 12:30 बजे अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके आकस्मिक निधन की खबर मिलते ही बड़ा सुसनी सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई.


दुबराज कुंभकार छात्र जीवन से ही अलग झारखंड राज्य की मांग को लेकर चले आंदोलन से जुड़े रहे. झारखंड आंदोलन के दौरान वे शहीद निर्मल महतो के नेतृत्व और विचारों से प्रभावित होकर सक्रिय भूमिका निभाते रहे.
सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में भी उनकी सक्रियता रही. वे सामाजिक सरोकारों से जुड़े मामलों में लोगों का मार्गदर्शन करने के लिए जाने जाते थे. सरल, मृदुभाषी और मिलनसार स्वभाव के कारण क्षेत्र में उनकी अलग पहचान थी.
दुबराज कुंभकार अपने पीछे पत्नी और दो पुत्र अशोक कुंभकार एवं दीपक कुंभकार सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं. उनके निधन पर सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना जताई.

