चांडिल: सरायकेला- खरसावां जिले का सुदूरवर्ती कुकड़ू प्रखंड अब विकास के नए आयाम गढ़ता नजर आ रहा है. कभी स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं की कमी से जूझने वाले इस क्षेत्र में सरकारी योजनाओं और जनप्रतिनिधियों के प्रयास से कई विकास कार्य धरातल पर उतर रहे हैं. सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्र की तस्वीर धीरे-धीरे बदलती दिखाई दे रही है. यह दावा है जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो का.


उन्होंने कहा वर्ष 2009 में प्रखंड गठन के बाद लंबे समय तक कुकड़ू में कई बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी रही. हाल के वर्षों में विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन से विकास कार्यों को गति मिली है. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और योजनाएं धरातल पर उतरेंगी और कुकड़ू जिले के विकसित प्रखंडों में अपनी पहचान बनाएगा.
स्वास्थ्य सेवाओं को मिल रही मजबूती
जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो के अनुसार जिला परिषद अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के सहयोग से क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, पेयजल, सड़क और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. स्वास्थ्य के क्षेत्र में सिरुम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन के निर्माण का शिलान्यास हो चुका है. इसके अलावा विभिन्न पंचायतों में स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण की दिशा में काम किया जा रहा है. इन सुविधाओं के शुरू होने से ग्रामीणों की रांची, जमशेदपुर, पुरुलिया और बलरामपुर जैसे दूरस्थ स्थानों पर इलाज के लिए निर्भरता कम होने की उम्मीद है.
आवासीय विद्यालयों से शिक्षा को नई दिशा
जिप उपाध्यक्ष ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में भी कुकड़ू में आधारभूत संरचना का विस्तार हुआ है. दारूदा स्थित झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय में छात्राओं की पढ़ाई शुरू हो चुकी है. वहीं शीशी में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य पूरा हो गया है. इससे प्रखंड के ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलने की उम्मीद है.
बिजली, बस स्टैंड और गोदाम से मजबूत हो रहा आधारभूत ढांचा
क्षेत्र में विद्युत सब-स्टेशन, आधुनिक सुविधाओं से युक्त बस स्टैंड, 32 कला-संस्कृति भवन और एक हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले खाद्य आपूर्ति विभाग के गोदाम जैसी आधारभूत संरचनाओं का निर्माण भी कुकड़ू के विकास को नई दिशा दे रहा है. जिला परिषद उपाध्यक्ष का कहना है कि लक्ष्य केवल भवन और आधारभूत संरचनाओं का निर्माण नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, पेयजल और अन्य जनकल्याणकारी सुविधाओं को गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है. इन योजनाओं के पूर्ण रूप से क्रियाशील होने के बाद सुदूरवर्ती कुकड़ू में ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है.

