लोहरदगा: जिले के कैरौ प्रखंड के हनहट गांव में शनिवार को पारंपरिक जतरा का आयोजन किया गया. इसमें आसपास के कई गांवों के खोड़हा दल शामिल हुए. मांदर की थाप और पारंपरिक गीतों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा.


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी देवनाथ उरांव एवं उनकी धर्मपत्नी मनीषा कुजूर शामिल हुए. ग्रामीणों ने दोनों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया.
देवनाथ उरांव ने कहा कि जतरा आदिवासी समाज की संस्कृति और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है. ऐसे आयोजन समाज को एकसूत्र में बांधने के साथ परंपरा, आपसी प्रेम और मेलजोल को मजबूत करते हैं.
मनीषा कुजूर ने शिक्षा, नशामुक्त समाज, आपसी भाईचारे और महिलाओं के सम्मान पर जोर दिया. उन्होंने युवाओं से नशाखोरी, हिंसा और कुरीतियों से दूर रहकर शिक्षा, खेल और संस्कृति के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया.
मौके पर अध्यक्ष कुलदीप उरांव, पाहन अशोक उरांव, राम मोहन उरांव, फूलदेव उरांव, सुरेश उरांव, किशोर उरांव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.

