लोहरदगा: जिले के कुडू प्रखंड के सुकुरहुटू मैदान में ऐतिहासिक सात पड़हा जतरा हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया. “जय चाला, जय सरना, जय धरम” के जयघोष के बीच हजारों आदिवासी ग्रामीण पारंपरिक वेशभूषा में जतरा में शामिल हुए. दिनभर मांदर की थाप पर पारंपरिक लोकनृत्य और गीतों की प्रस्तुति होती रही.


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री चमरा लिंडा और विशिष्ट अतिथि के रूप में युवा नेता सह समाजसेवी रोहित उरांव शामिल हुए. आयोजन समिति ने दोनों अतिथियों का पगड़ी और माला पहनाकर पारंपरिक तरीके से स्वागत किया.

चमरा लिंडा ने कहा कि सात पड़हा जतरा आदिवासी एकता और संस्कृति की पहचान है. ऐसे आयोजन परंपराओं को जीवंत रखने का काम करते हैं. वहीं रोहित उरांव ने कहा कि जतरा सिर्फ मेला नहीं, बल्कि पूर्वजों से मिली विरासत है और इसे सहेजना सभी की जिम्मेदारी है.
जतरा में विभिन्न गांवों से पहुंचे खोड़हा पारंपरिक नृत्य दलों को आयोजन समिति की ओर से सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया.
मौके पर विधायक प्रतिनिधि निशीथ जायसवाल, जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव, पूर्व जिप अध्यक्ष रीना भगत, उप प्रमुख ऐनुल अंसारी, मीडिया प्रभारी असलम अंसारी, अवधेश उरांव समेत आयोजन समिति के पदाधिकारी, ग्राम प्रधान, पाहन, पुजार और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.

