कांड्रा: सरायकेला-खरसावां जिले के कांड्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत पिंड्राबेड़ा स्थित न्यूवोको विस्तास कॉर्प लिमिटेड कंपनी के गेट के सामने मुख्य सड़क पर फैल रहे डस्ट से राहगीरों की परेशानी बढ़ती जा रही है. सड़क पर जमा धूल वाहनों के आवागमन के दौरान उड़कर आसपास के वातावरण में फैल रही है. इससे प्रदूषण बढ़ने के साथ सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है.


धूल के गुबार से वाहन चालकों को परेशानी
कंपनी गेट के सामने मुख्य मार्ग पर फैले डस्ट के कारण ऑटो, मोटरसाइकिल, साइकिल समेत अन्य छोटे वाहनों से आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वाहनों के गुजरने पर उड़ती धूल से सामने देखने में परेशानी हो सकती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है. इस मार्ग से प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोगों की सुरक्षा को देखते हुए समस्या का तत्काल समाधान आवश्यक है.
कंपनी प्रबंधन की जिम्मेदारी पर सवाल
औद्योगिक गतिविधियों के कारण सड़क पर धूल फैलने की स्थिति उत्पन्न हो रही है, तो उसे नियंत्रित करने की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी प्रबंधन की भी बनती है. सड़क पर जमा डस्ट की नियमित सफाई, धूल को उड़ने से रोकने के उपाय और प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी इंतजाम किए जाने चाहिए. सवाल यह है कि कंपनी प्रबंधन की ओर से इस समस्या को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं.
प्रशासन कब करेगा कार्रवाई?
इस मामले में जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भूमिका भी महत्वपूर्ण है. संबंधित विभागों को स्थल का निरीक्षण कर स्थिति की जांच करनी चाहिए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए.

आखिर मुख्य मार्ग पर धूल फैलने की समस्या का समाधान करने के लिए अब तक प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए? क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? ये ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब संबंधित अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन को देना चाहिए.
तत्काल समाधान की मांग
जनहित और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कंपनी गेट के सामने फैले डस्ट की तत्काल सफाई कराने, नियमित रूप से सड़क पर पानी का छिड़काव करने तथा धूल के फैलाव को रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था करने की आवश्यकता है. साथ ही, संबंधित विभागों को प्रदूषण की स्थिति की जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए.
*समय रहते ठोस कदम उठाना जरूरी है, ताकि आम राहगीरों को राहत मिले और किसी संभावित सड़क दुर्घटना को रोका जा सके.*
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय

