राजनगर: समाजसेवी अजय कुमार गोप ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) एवं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और चयन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर गहरी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि वर्षों की कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है. ऐसे में भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है.



अजय कुमार गोप ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी केवल अभ्यर्थियों का विश्वास ही नहीं तोड़ती, बल्कि पूरे तंत्र की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करती है. उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य किसी भी प्रकार की राजनीति का विषय नहीं होना चाहिए, बल्कि राज्य के विकास की आधारशिला के रूप में देखा जाना चाहिए.
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि JPSC एवं JSSC से जुड़े सभी विवादों की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जाए. यदि जांच में पेपर लीक, धांधली या अन्य अनियमितताओं की पुष्टि होती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि युवाओं का विश्वास बहाल हो सके.
अजय कुमार गोप ने यह भी मांग की कि विवादित परीक्षाओं की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए. उत्तर कुंजी, मूल्यांकन प्रक्रिया और अंतिम चयन सूची को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए. साथ ही अभ्यर्थियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी हेल्पलाइन और ऑनलाइन शिकायत पोर्टल शुरू किया जाए.
उन्होंने कहा कि राज्य में सभी भर्ती प्रक्रियाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य अनिश्चितता में न रहे. सरकार यदि पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कदम उठाती है तो युवाओं का भरोसा और मजबूत होगा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की साख भी बनी रहेगी.
रिपोर्ट: रासबिहारी मंडल





