गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले के खटौरी पंचायत के जेवड़ा गांव के ग्रामीण आज भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं. अनुसूचित जनजाति बहुल इस पंचायत में पिछले 15 वर्षों से सड़क निर्माण नहीं हो सका है. स्थिति यह है कि मरीजों को खाट पर ले जाने के लिए ग्रामीण मजबूर हैं.

ग्रामीणों ने बताया कि 15वीं वित्त आयोग से पीसीसी सड़क निर्माण की योजना बनी थी और लाभुक समिति द्वारा चेक स्लिप भी तैयार कर ली गई थी. लेकिन पंचायत सचिव ने यह कहते हुए कार्य रोक दिया कि “जंगल में सड़क नहीं बनेगा”. इससे ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है. ग्रामीणों का आरोप है कि जहां सड़क की सख्त जरूरत है, वहां काम नहीं हुआ. इसके उलट, जहां सड़क की आवश्यकता नहीं थी, वहां लोगों के घर के आंगन तक पीसीसी सड़क बना दिया गया. ग्रामीणों का कहना है कि यह पक्षपातपूर्ण रवैया है और वे अब आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर हैं. गौरतलब है कि इस गांव का भ्रमण पूर्व में गिरिडीह की तत्कालीन उपायुक्त एवं वर्तमान सरकार की प्रधान सचिव वंदना डडेल ने भी किया था. इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है.
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