जमशेदपुर/ Varun Kumar प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने झारखंड के लिए महत्वपूर्ण गम्हरिया- चांडिल तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दे दी है. इस परियोजना पर कुल 1168 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. करीब 26 किलोमीटर के रूट पर 68 किलोमीटर नई ट्रैक लाइन बिछाई जाएगी. परियोजना के तहत 13 बड़े पुल, 59 छोटे पुल, 2 आरओआर, 13 आरयूबी, 2 आरओबी और 4 लेवल क्रॉसिंग का निर्माण किया जाएगा. यह मल्टी- ट्रैकिंग परियोजना इंडियन रेलवे की क्षमता में बड़ा इजाफा करेगी. रेल लाइन की क्षमता बढ़ने से कोयला, लौह अयस्क और स्टील संयंत्रों के लिए माल ढुलाई तेज होगी. अनुमान है कि इससे प्रतिवर्ष लगभग 26.8 मिलियन टन अतिरिक्त माल परिवहन संभव होगा. पर्यटन के दृष्टिकोण से भी यह परियोजना अहम मानी जा रही है. इससे चांडिल डैम, दलमा वन्यजीव अभयारण्य सहित आसपास के पर्यटन स्थलों तक रेल कनेक्टिविटी और बेहतर होगी. पर्यावरणीय लाभ के तहत हर वर्ष लगभग 6 करोड़ किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है, जो करीब 25 लाख पेड़ लगाने के बराबर बताया गया है. साथ ही लॉजिस्टिक लागत में लगभग 139 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की बचत होगी. रोजगार के मोर्चे पर भी यह परियोजना महत्वपूर्ण है. इसके माध्यम से करीब 18 लाख मानव- दिवस का रोजगार सृजित होगा. सरकार का कहना है कि यह योजना झारखंड को औद्योगिक, पर्यटन और आर्थिक दृष्टि से नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करेगी.


