रांची: झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने मंगलवार को राज्यभर के 73 कनीय अभियंताओं (असैनिक) और 4 कनीय अभियंताओं (यांत्रिक) का बड़े पैमाने पर तबादला कर दिया है. विभाग के अवर सचिव रंजीव कुमार चौधरी द्वारा 21 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार सभी स्थानांतरित अभियंताओं को 15 दिनों के भीतर नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया गया है.



हालांकि विभाग के इस तबादला आदेश में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे महकमे में चर्चा छेड़ दी है. पटमदा प्रशाखा में पदस्थापित कनीय अभियंता डोमन रजक का तबादला गिरिडीह प्रमंडल के तीसरी प्रशाखा में कर दिया गया है, जबकि उनकी सेवानिवृत्ति में महज लगभग एक माह का समय शेष है.
रिटायरमेंट से पहले तबादला बना चर्चा का विषय
विभागीय सूत्रों के अनुसार डोमन रजक अगले महीने सेवानिवृत्त होने वाले हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब उनका कार्यकाल लगभग समाप्त हो चुका है, तब उन्हें सैकड़ों किलोमीटर दूर नए स्थान पर भेजने की प्रशासनिक आवश्यकता क्या थी. सामान्यतः सेवानिवृत्ति के निकट पहुंच चुके कर्मचारियों के स्थानांतरण से विभाग बचता है, ताकि उन्हें अनावश्यक प्रशासनिक और व्यक्तिगत परेशानियों का सामना न करना पड़े.
क्या योगदान भी देंगे या मिलेगा संशोधित आदेश
विभागीय गलियारों में अब इस बात की चर्चा है कि क्या डोमन रजक नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देंगे या विभाग इस आदेश में संशोधन करेगा. कई कर्मचारी इसे महज औपचारिक आदेश मान रहे हैं, जबकि कुछ अधिकारियों का कहना है कि जब तक संशोधित आदेश जारी नहीं होता, तब तक स्थानांतरण आदेश प्रभावी रहेगा.
राज्यभर में बड़े पैमाने पर तबादले
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने इस आदेश के तहत विभिन्न प्रमंडलों और प्रशाखाओं में कार्यरत कुल 77 कनीय अभियंताओं का स्थानांतरण किया है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी अभियंता 15 दिनों के भीतर नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देंगे तथा अगस्त 2026 का वेतन नए पदस्थापन कार्यालय से आहरित करेंगे.
अब विभाग के इस निर्णय, विशेषकर सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके अभियंता के तबादले को लेकर प्रशासनिक हलकों में तरह- तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. देखने वाली बात होगी कि विभाग इस मामले में कोई संशोधित आदेश जारी करता है या फिर डोमन रजक को सेवानिवृत्ति से ठीक पहले नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देना होगा.





