रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा और आयोग में कथित अनियमितताओं की जांच अब और तेज हो गई है. गुरुवार को अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एवं JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते के कांके रोड स्थित आवास पर छापेमारी की. पुलिस बल की मौजूदगी में CID की टीम ने आयोग से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य अभिलेखों की जांच शुरू की.



एल. खियांगते वर्ष 1988 बैच के सेवानिवृत्त IAS अधिकारी हैं. उन्होंने दिसंबर 2023 से अक्टूबर 2024 तक झारखंड के मुख्य सचिव के रूप में कार्य किया था. इसके बाद फरवरी 2025 में उन्होंने JPSC के अध्यक्ष का पद संभाला था. बताया जा रहा है कि 21 जुलाई 2026 को आयोग में कथित अनियमितताओं की CID जांच तेज होने के बाद एल. खियांगते ने JPSC अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद से CID आयोग की कार्यप्रणाली, परीक्षा प्रक्रिया और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है.
गुरुवार की छापेमारी को इसी जांच की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है. CID की टीम आवास पर उपलब्ध दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है. हालांकि, छापेमारी को लेकर CID की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
गौरतलब है कि JPSC परीक्षा विवाद में इससे पहले भी CID ने कई स्थानों पर छापेमारी की है. हाल ही में आयोग और परीक्षा एजेंसी से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था. वहीं, आयोग की 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य परीक्षा को भी अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है.
CID की टीम भारी पुलिस बल के साथ उनके आवास पहुंची और JPSC से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों एवं अभिलेखों की गहन जांच शुरू की. अधिकारियों ने आयोग से संबंधित विभिन्न रिकॉर्ड और दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की, ताकि 14वीं सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े विवाद के विभिन्न पहलुओं की जांच की जा सके.
गौरतलब है कि बुधवार को CID ने JPSC और परीक्षा एजेंसी से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार आरोपियों में JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक, परीक्षा एजेंसी के निदेशक तथा अन्य संबंधित लोग शामिल हैं. इसी क्रम में JPSC के अध्यक्ष ने भी अपना इस्तीफा दे दिया था.





