जामताड़ा/ Yogesh Kumar जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र के बुधुडीह पंचायत अंतर्गत आनन्दपुर गांव में सौ साल पुराना हरा- भरा सिमर का पेड़ काटे जाने से इलाके में हड़कंप मच गया.

ग्रामीणों ने इस घटना पर नाराजगी जताई और कहा कि जहां सरकार “पर्यावरण बचाओ- पेड़ लगाओ” अभियान चला रही है, वहीं जनप्रतिनिधि स्वयं हरे- भरे पेड़ काटकर गलत संदेश दे रहे हैं. मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तुरंत जांच शुरू की.

इस दौरान बुधुडीह के पूर्व मुखिया लखिन्द्र सोरेन ने बताया कि यह पेड़ उनके दादा ने लगाया था और यह उनकी जमाबंदी भूमि पर था. उन्होंने कहा कि पैसों की जरूरत के कारण उन्होंने इसे कटवाया और बेच रहे हैं.
वन विभाग के कर्मियों ने कहा कि जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह पेड़ सरकारी जमीन पर था या निजी जमाबंदी भूमि में.
अंचल अधिकारी देवराज गुप्ता ने कहा कि बिना एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के कोई भी व्यक्ति पेड़ नहीं काट सकता — चाहे वह सरकारी जमीन पर हो या निजी जमाबंदी पर. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

