जामताड़ा: नाला विधानसभा क्षेत्र के फतेहपुर प्रखंड अंतर्गत मंझलाडीह गांव की 34 वर्षीय छवि भंडारी पिछले छह वर्षों से दुर्लभ और गंभीर बीमारी टाकायासु आर्टेराइटिस (Takayasu Arteritis) से जूझ रही हैं. लगातार इलाज और महंगी दवाइयों ने परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह कमजोर कर दी है. अब हालात ऐसे हैं कि आवश्यक दवाइयों का खर्च उठाना भी परिवार के लिए मुश्किल हो गया है.



छवि के पति उज्जवल भंडारी गांव में एक छोटा सैलून चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं. उनका कहना है कि वर्ष 2020 से अब तक पत्नी के इलाज के लिए रिश्तेदारों, परिचितों और शुभचिंतकों से उधार लेकर लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं. अब आर्थिक संसाधन पूरी तरह समाप्त हो चुके हैं.
वर्तमान में छवि का इलाज वेल्लोर के विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में घर पर ही चल रहा है. चिकित्सकों के अनुसार टाकायासु आर्टेराइटिस एक दुर्लभ बीमारी है. जिसमें शरीर की मुख्य रक्त वाहिकाओं. विशेषकर महाधमनी (एओर्टा) में सूजन आ जाती है. इसके कारण सीने और भुजाओं में लगातार दर्द. उच्च रक्तचाप और अन्य गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं. समय पर उपचार नहीं मिलने पर हार्ट फेलियर और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है.
उज्जवल भंडारी ने बताया कि नवंबर 2025 में नई दिल्ली स्थित एम्स के रूमेटोलॉजी विभाग ने छवि को प्रति माह टोसिलिजुमैब 480 मिलीग्राम का इंजेक्शन लेने की सलाह दी है. एम्स के प्रमाणपत्र के अनुसार एक इंजेक्शन की कीमत लगभग 35,403 रुपये है. चिकित्सकीय अनुमान के मुताबिक अगले तीन वर्षों के इलाज पर करीब 12.74 लाख रुपये खर्च होंगे. इतनी बड़ी राशि जुटाना परिवार के लिए संभव नहीं है.
आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार अब झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से सहायता की गुहार लगा रहा है. परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते सरकारी आर्थिक मदद मिल जाती है. तो छवि का इलाज बिना रुके जारी रखा जा सकेगा और उनका जीवन बचाया जा सकता है.
परिवार ने सरकार से मानवीय आधार पर आर्थिक सहयोग प्रदान करने की अपील करते हुए कहा है कि उनकी उम्मीद अब केवल शासन-प्रशासन की संवेदनशील पहल पर टिकी है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल





