जामताड़ा/ Manish Baranwal नगर पंचायत बोर्ड की पहली बैठक शुरू होने से पहले ही हंगामे के कारण स्थगित हो गई. शहर के विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाई गई इस बैठक में अध्यक्ष समेत सभी नव निर्वाचित वार्ड पार्षद शामिल होने वाले थे.

बैठक शुरू होने से पहले ही बाहरी लोगों की मौजूदगी को लेकर विवाद खड़ा हो गया. जनप्रतिनिधियों के साथ उनके रिश्तेदार, समर्थक और प्रस्तावक भी बैठक में शामिल होना चाहते थे, जिस पर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी ने आपत्ति जताई.
कार्यपालक पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सरकारी नियमावली के अनुसार बोर्ड की आधिकारिक बैठक में केवल निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को ही बैठने की अनुमति है. किसी बाहरी व्यक्ति की उपस्थिति नियमों का उल्लंघन है.
इस फैसले को जनप्रतिनिधियों ने अपनी गरिमा और अधिकारों का हनन बताते हुए कड़ा विरोध किया. उनका कहना था कि उनके समर्थकों को बैठक में शामिल होने से रोकना उचित नहीं है. विवाद बढ़ने पर अध्यक्ष समेत सभी वार्ड पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और बाहर निकल गए. वहीं कार्यपालक पदाधिकारी अपने निर्णय पर अड़े रहे और मीडिया से कहा कि उन्होंने केवल नियमों का पालन किया है.
हंगामे के कारण जामताड़ा नगर पंचायत की पहली बैठक बिना किसी चर्चा और निर्णय के स्थगित करनी पड़ी.

