जामताड़ा : दवा व्यवसायियों के राष्ट्रीय संगठन के आह्वान पर बुधवार को जामताड़ा जिले में दवा दुकानदारों की एक दिवसीय हड़ताल सफल रही. हड़ताल के कारण जिले की लगभग सभी दवा दुकानें बंद रहीं. इससे जामताड़ा, मिहिजाम सहित ग्रामीण क्षेत्रों में दवा लेने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.


आपातकालीन स्थिति को देखते हुए सीमित व्यवस्था के तहत कुछ मेडिकल दुकानों को खुला रखा गया था. जामताड़ा शहर के कायस्थ पाड़ा मोड़ स्थित जूली मेडिकल तथा मिहिजाम में मेडिक्योर मेडिकल स्टोर में जरूरतमंद मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराई गईं. इसके बावजूद कई मरीजों को दवा के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा.
जामताड़ा जिला केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के सदस्यों गोपाल डालमिया, अजय अलसेरिया, प्रवीण डोकानिया, रोहित लोहारुका, सुनील सिंह, कृष्णा सेन, गौर मंडल, राकेश सेन, अरुण बर्नवाल एवं सुनील पोद्दार ने बताया कि यह आंदोलन केवल व्यापारिक हितों के लिए नहीं, बल्कि दवा वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है.

उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट संगठन तथा झारखंड केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के निर्देश पर जिले के सभी दवा व्यवसायी हड़ताल में शामिल हुए.
दवा व्यवसायियों ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर नियंत्रण, बड़े कॉर्पोरेट संस्थानों द्वारा दिए जा रहे अत्यधिक डिस्काउंट पर रोक तथा नकली और अवैध दवाओं की बिक्री पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि अनियंत्रित ऑनलाइन बिक्री से छोटे दवा व्यवसायियों के सामने संकट उत्पन्न हो गया है. वहीं बिना पर्याप्त निगरानी के दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है.
व्यवसायियों ने कहा कि दवा कोई सामान्य वस्तु नहीं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा संवेदनशील विषय है. इसलिए इसकी बिक्री और वितरण व्यवस्था में जवाबदेही और सख्त निगरानी जरूरी है.हड़ताल के दौरान जिले में शांतिपूर्ण माहौल बना रहा. दवा दुकानदारों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

