
जामताड़ा: नगर पंचायत के वार्ड संख्या-7 स्थित शाखाबस्ती की दो गरीब महिलाओं का नाम मुख्यमंत्री मैया सम्मान योजना की लाभुक सूची से हटाए जाने का मामला सामने आया है. महिलाओं का आरोप है कि उन्हें “नौकरीपेशा” बताकर योजना से वंचित कर दिया गया. जबकि वे दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा. बर्तन साफ करने और घरेलू काम कर किसी तरह अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं.


बुधवार को वार्ड निवासी निरमा देवी और पूनम देवी अंचल कार्यालय पहुंचीं. जहां उन्होंने अधिकारियों से मिलकर योजना में दोबारा नाम जोड़ने की मांग की. महिलाओं ने बताया कि वे आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं और मुख्यमंत्री मैया सम्मान योजना से मिलने वाली राशि उनके परिवार के लिए बड़ा सहारा थी. नाम हटने के बाद परिवार का खर्च चलाना और मुश्किल हो गया है.
महिलाओं का कहना है कि उन्होंने कभी किसी सरकारी या निजी संस्थान में स्थायी नौकरी नहीं की है. वे केवल मेहनत-मजदूरी और घरेलू काम कर जीवनयापन करती हैं. इसके बावजूद उन्हें नौकरीपेशा बताते हुए लाभुक सूची से बाहर कर दिया गया. उन्होंने इसे तथ्यहीन और अन्यायपूर्ण निर्णय बताया.
दोनों महिलाओं ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि वास्तविक स्थिति की जांच होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी और उन्हें दोबारा योजना का लाभ मिल सकेगा. उन्होंने अधिकारियों से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की है.
इधर. स्थानीय लोगों ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि पात्र लाभुकों के नाम गलत तरीके से सूची से हटाए जा रहे हैं. तो इससे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य प्रभावित होगा. लोगों ने प्रशासन से पात्र महिलाओं का नाम जल्द लाभुक सूची में जोड़कर योजना का लाभ पुनः उपलब्ध कराने की मांग की है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल





