
सरायकेला: जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच अब सर्पदंश के मामलों में तेजी देखने को मिल रही है. बीते 12 घंटे के भीतर 8 लोग सांप के काटने के बाद इलाज के लिए सदर अस्पताल, सरायकेला पहुंचे. समय पर इलाज मिलने से सभी मरीजों की हालत फिलहाल सामान्य बताई जा रही है और वे खतरे से बाहर हैं.


अस्पताल सूत्रों के अनुसार सर्पदंश के शिकार मरीजों में सागर मुखी, पूजा मुर्मू, जयंती महतो, उदय कुमार, शकुंतला महतो, गोमेया सोय, बिरसिंह जोंकों और लुदू मुंडा शामिल हैं. चिकित्सकों ने सभी को तत्काल प्राथमिक उपचार देने के साथ एंटी-स्नेक वेनम (ASV) लगाया और निगरानी में रखा है.
चिकित्सकों के अनुसार लगातार बारिश के कारण सांपों के बिलों में पानी भर जाने से वे घरों, खेतों, आंगनों और झाड़ियों की ओर निकल रहे हैं. यही वजह है कि मानसून के दौरान हर साल सर्पदंश की घटनाओं में वृद्धि होती है.
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का उपयोग करें, घर के आसपास झाड़ियां और कचरा जमा न होने दें, खेतों में जाते समय लंबे जूते पहनें तथा सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें.
सदर अस्पताल सरायकेला में सर्पदंश के इलाज के लिए पर्याप्त एंटी-स्नेक वेनम, दवाएं और चिकित्सकीय व्यवस्था उपलब्ध है. डॉक्टरों का कहना है कि समय पर अस्पताल पहुंचना ही सर्पदंश से जान बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है.
प्रमोद सिंह (संपादक)





