जामताड़ा: जिले में बालू की उपलब्धता सुनिश्चित करने और अवैध बालू उठाव पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में खनन विभाग ने पहल तेज कर दी है. जिले के विभिन्न प्रखंडों में कुल 20 बालू घाटों की नीलामी की प्रक्रिया पिछले वित्तीय वर्ष में ही पूरी कर ली गई थी. अब इन घाटों से बालू उठाव शुरू कराने की तैयारी चल रही है. अंचल स्तर पर घाटों के सीमांकन (डिमार्केशन) का काम किया जा रहा है. वहीं, पर्यावरणीय स्वीकृति (एनवायरनमेंटल पॉल्यूशन क्लीयरेंस) मिलने के बाद अगले 10 से 15 दिनों के भीतर घाटों का संचालन शुरू होने की संभावना है.


जिला खनन पदाधिकारी मिहिर सलकर ने बताया कि जिले के विभिन्न प्रखंडों में स्थित इन बालू घाटों की नीलामी 25 सितंबर 2025 को ही संपन्न हो चुकी है. वर्तमान में संबंधित अंचलों के स्तर पर घाटों का सीमांकन कराया जा रहा है. आवश्यक पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होते ही बालू घाटों से विधिवत उठाव और संचालन शुरू कर दिया जाएगा.
इन प्रखंडों के बालू घाटों की हुई है नीलामी
नीलाम किए गए बालू घाटों में करमाटर प्रखंड अंतर्गत नवाकोला घाट शामिल है. फतेहपुर प्रखंड में हाथधरा घाट एक एवं दो, जबकि जामताड़ा प्रखंड में बोधबांध घाट एक एवं दो, सतसाल घाट एक एवं दो, गोपालपुर घाट एक एवं दो, अमलाचतर घाट तथा आसनचूआ घाट की नीलामी की गई है.
इसी प्रकार नाला प्रखंड में डिमजूरी, निंबेड़ा, मारालो, देवलकुंडा, बंखेत, पत्थरघाटा, कास्ता और चिचुरबिल घाट को नीलामी की सूची में शामिल किया गया है. वहीं, कुंडहित प्रखंड अंतर्गत छोटा गोविंदपुर घाट की भी नीलामी हो चुकी है.
अवैध बालू कारोबार पर लगेगी लगाम
जिले में बालू घाटों का विधिवत संचालन शुरू होने से अवैध रूप से बालू के उठाव और परिवहन पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है. अभी वैध घाटों का संचालन शुरू नहीं होने के कारण बालू की उपलब्धता और अवैध उठाव को लेकर कई तरह की समस्याएं सामने आती रही हैं. विभाग का मानना है कि नीलाम घाटों से नियमानुसार बालू उठाव शुरू होने के बाद अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा.
इसके साथ ही बालू की आपूर्ति व्यवस्था को व्यवस्थित करने, निर्माण कार्यों के लिए वैध रूप से बालू उपलब्ध कराने और सरकार के राजस्व में वृद्धि का रास्ता भी खुलेगा. निर्धारित नियमों के तहत घाटों का संचालन होने से विभाग को बालू उठाव और परिवहन की निगरानी करने में भी सहूलियत होगी.
जिला खनन पदाधिकारी मिहिर सलकर के अनुसार, फिलहाल सीमांकन और पर्यावरणीय मंजूरी से संबंधित प्रक्रिया पूरी की जा रही है. सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अगले 10 से 15 दिनों में बालू घाटों का संचालन शुरू कराने का लक्ष्य है. इससे जिले में लंबे समय से प्रतीक्षित वैध बालू उठाव की व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद है.
रिपोर्ट: मनीष बरनवाल

