
जामताड़ा: मिहिजाम थाना क्षेत्र के हांसीपहाड़ी में नगर परिषद कार्यालय के समीप स्थित एक निजी कोयला डिपो को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि डिपो में रात के अंधेरे में कथित तौर पर अवैध कोयले का कारोबार संचालित किया जा रहा है. उनका दावा है कि यहां प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कच्चा कोयला लाकर रात के समय उसे जलाकर पोड़ा कोयला तैयार किया जाता है, जिससे पूरे इलाके में दमघोंटू धुआं फैल जाता है.


स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद कार्यालय और घनी आबादी के बीच स्थित इस डिपो से निकलने वाला धुआं रातभर वातावरण को प्रदूषित करता है. इसके कारण आसपास रहने वाले लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है.
सूत्रों के अनुसार, डिपो में तैयार पोड़ा कोयले को दिन के समय मजदूरों के माध्यम से बड़े ट्रकों पर लादकर विभिन्न राज्यों में भेजा जाता है, जहां इसकी अच्छी कीमत मिलती है. यह भी आरोप है कि डिपो संचालक साइकिल से कोयला ढोने वाले मजदूरों से कम कीमत पर कच्चा कोयला खरीदते हैं. बताया जाता है कि ये मजदूर पश्चिम बंगाल के खदान क्षेत्रों से कोयला लाकर डिपो तक पहुंचाते हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कथित अवैध कोयला कारोबार से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित डिपो संचालक का पक्ष भी अभी सामने नहीं आया है.
इस संबंध में जामताड़ा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वासिम रजा ने कहा कि उनके क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यदि शिकायत प्राप्त होती है या जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल





