जामताड़ा: जिले में स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को समय पर वेतन और यात्रा भत्ता (टीए) नहीं मिलने का मामला सामने आया है. दो माह से वेतन और तीन माह से यात्रा भत्ता लंबित रहने से नाराज स्वास्थ्यकर्मियों ने मंगलवार को डॉ. अजीत कुमार दुबे के नेतृत्व में उपायुक्त आलोक कुमार के जनता दरबार में पहुंचकर अपनी समस्या रखी. कर्मियों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए लंबित राशि का जल्द भुगतान कराने की मांग की.


हर महीने वेतन भुगतान में देरी का आरोप
स्वास्थ्यकर्मियों ने जिला अकाउंटेंट मैनेजर (डीएएम) पर मनमाने तरीके से काम करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि वेतन भुगतान में नियमित रूप से देरी होती है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कर्मियों के अनुसार, वेतन और यात्रा भत्ता समय पर नहीं मिलने से घरेलू खर्चों के प्रबंधन में भी कठिनाई हो रही है. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग उठाई.
त्योहारों से पहले भुगतान सुनिश्चित करने का था निर्देश
मामले को लेकर उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि दुर्गापूजा समेत अन्य त्योहारों को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों को कर्मचारियों के लंबित भुगतान का निपटारा करने और वेतन सहित अन्य देय राशि समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था. इसके बावजूद यदि किसी स्तर पर आदेश की अनदेखी कर भुगतान लंबित रखा गया है, तो मामले की जांच कराई जाएगी.
स्पष्टीकरण के बाद तय होगी कार्रवाई
उपायुक्त ने संबंधित पक्ष से स्पष्टीकरण मांगने और जांच के दौरान लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. डीसी के आश्वासन के बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने एक बार फिर लंबित वेतन और यात्रा भत्ते का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग दोहराई.
अब सवाल यह है कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को उनकी लंबित राशि कब तक मिल पाएगी और भुगतान में देरी के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी. जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
रिपोर्ट: मनीष बरनवाल

