जामताड़ा: सरस्वती शिशु मंदिर नामूपाड़ा में बुधवार को दादा- दादी, नाना- नानी सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों और बुजुर्गों के बीच स्नेह और संस्कार का अद्भुत संगम देखने को मिला.

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के दादा-दादी और नाना-नानी उपस्थित रहे. इस दौरान बच्चों ने अपने बुजुर्गों के चरण पखारे, तिलक लगाया, माला पहनाई और आरती उतारकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया. साथ ही बच्चों द्वारा प्रस्तुत गीत और नृत्य ने माहौल को भावुक और उत्साहपूर्ण बना दिया.
मौके पर सह सचिव आभा आर्या ने कहा कि आज के दौर में जहां एकल परिवार को प्राथमिकता दी जा रही है, वहीं सरस्वती शिशु मंदिर संयुक्त परिवार के महत्व को पुनर्स्थापित करने का सराहनीय प्रयास कर रहा है. उन्होंने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों के बीच का रिश्ता बेहद गहरा होता है, जिसे और मजबूत करने की जरूरत है.
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसमें संस्कार, माता-पिता और बुजुर्गों के सम्मान की भावना भी शामिल होनी चाहिए, जो इस प्रकार के आयोजनों से संभव है.
कार्यक्रम में देवघर विभाग प्रमुख सुरेश मंडल, विद्यालय सचिव रमेश कुमार सिंह, अध्यक्ष काली प्रसाद साहा, प्रधानाचार्य प्रभाकर महतो सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे. मंच संचालन आचार्या अनुपमा कमल ने किया, जबकि कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षकों और विद्यार्थियों की अहम भूमिका रही. यह आयोजन न केवल बुजुर्गों के सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि नई पीढ़ी को पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों से जोड़ने का सशक्त संदेश भी दे गया.
Report by Manish Baranwal

