जामताड़ा: जिले में फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सख्त संदेश दिया है. उपायुक्त आलोक कुमार के निर्देश पर नाला और जामताड़ा प्रखंड में कार्यरत ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर (BPO) को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है.

उपायुक्त आलोक कुमार ने बताया कि नियुक्ति के दौरान दोनों अधिकारियों द्वारा जमा किए गए शैक्षणिक प्रमाण पत्र जांच में फर्जी पाए गए. इसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों की सेवाएं समाप्त कर दीं.

जानकारी के अनुसार, विभाग को दोनों अधिकारियों के दस्तावेजों पर संदेह हुआ था. इसके बाद मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई. जांच के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि नौकरी प्राप्त करने के लिए जाली और फर्जी प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल किया गया था.
सरकारी नियमों के उल्लंघन और धोखाधड़ी की पुष्टि होने के बाद जिला प्रशासन ने कठोर कदम उठाते हुए दोनों अधिकारियों को सेवा से बाहर कर दिया. साथ ही मामले में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है. जिला प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि भ्रष्टाचार, जालसाजी और फर्जीवाड़े को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
जामताड़ा प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल



