जामताड़ा/ Manish Baranwal स्थित सावित्री देवी डीएवी पब्लिक स्कूल में शनिवार को महात्मा हंसराज की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई. कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य डॉ विजय कुमार द्वारा महात्मा हंसराज के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई. इस दौरान विद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.

प्राचार्य डॉ विजय कुमार ने महात्मा हंसराज के जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 19 अप्रैल 1864 को पंजाब के होशियारपुर जिले के बजवाड़ा में हुआ था. उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद नौकरी करने के बजाय दयानंद एंग्लो वैदिक शिक्षा ट्रस्ट के तहत डीएवी शिक्षण संस्थान की स्थापना में अहम भूमिका निभाई. इस कार्य में उनके सहयोगी गुरुदत्त विद्यार्थी थे. उन्होंने लगातार 25 वर्षों तक डीएवी कॉलेज के प्राचार्य के रूप में सेवा दी और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
उन्होंने कहा कि आज देश- विदेश में 900 से अधिक डीएवी शिक्षण संस्थान संचालित हो रहे हैं, जो शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता का प्रतीक हैं. उन्होंने विद्यालय के हालिया परीक्षा परिणामों का जिक्र करते हुए बताया कि डीएवी जामताड़ा का प्रदर्शन भी उत्कृष्ट रहा है, जहां छात्रा रीकि रिमी ने जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया और 25 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए.
कार्यक्रम के दौरान संगीत शिक्षक स्नेह प्रभात दुबे ने विद्यार्थियों के साथ भजन प्रस्तुत किया, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया. अंत में सभी ने महात्मा हंसराज के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया.

