
जमशेदपुर: खुद को आदिवासी हितों की आवाज बताने वाले दिनकर कच्छप एक बार फिर चर्चा में हैं. पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोमवार देर रात बिष्टुपुर थाना पुलिस ने उन्हें एक गैर जमानती वारंट के मामले में गिरफ्तार किया है. हालांकि समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी.


उपलब्ध पुलिस अभिलेखों के अनुसार दिनकर कच्छप के खिलाफ जमशेदपुर के विभिन्न थानों में कुल 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें बिष्टुपुर, सीतारामडेरा, गोलमुरी, मानगो (एमजीएम) और बिष्टुपुर थाना क्षेत्र से संबंधित मामले शामिल हैं. दर्ज मामलों में भारतीय दंड संहिता (IPC), भारतीय न्याय संहिता (BNS), झारखंड उत्पाद अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम, महामारी रोग अधिनियम तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराएं शामिल हैं.
दस्तावेजों के अनुसार उनके विरुद्ध वर्ष 2020 से लेकर 2025 तक अलग- अलग मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है. इनमें दंगा, सरकारी कार्य में बाधा, अवैध जमावड़ा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित अन्य गंभीर आरोपों से संबंधित धाराएं भी शामिल हैं. कई मामलों में ऐसी धाराएं लगी हैं, जिनमें दोष सिद्ध होने पर सात वर्ष या उससे अधिक सजा का प्रावधान है.
पुलिस सूत्रों का कहना है कि लंबे समय से लंबित गैर जमानती वारंट के निष्पादन को लेकर कार्रवाई की गई है. हालांकि गिरफ्तारी और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि पुलिस के आधिकारिक बयान के बाद ही हो सकेगी.
उल्लेखनीय है कि दिनकर कच्छप मूल रूप से भोले- भाले आदिवासियों को आगे कर कई जन आंदोलनों और धरना- प्रदर्शनों के कारण सुर्खियों में रहे हैं. हाल के वर्षो में उनका आतंक इतना बढ़ गया है कि हर सरकारी अधिकारी और पुलिस उनके कार्यशैली से त्रस्त हो चुके हैं. उनके समर्थक उन्हें आदिवासी अधिकारों की आवाज बताते रहे हैं, जबकि विरोधी उन पर आंदोलनों के जरिए दबाव की राजनीति करने का आरोप लगाते रहे हैं. आरोप है कि दिनकर कच्छप आंदोलनों की आड़ में अधिकारियों और प्रशासन से मोटी डील कर मामाले को रफा- दफा कर दूसरे शिकार की तलाश में जुट जाते हैं. उसका परिणाम यह होता है कि उनके आंदोलन में साथ देने वाले भोले- भाले आदिवासियों पर मुकदमा दर्ज होता है और उन्हें कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. पूर्व में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं. वैसे इन आरोपों पर दिनकर कच्छप की ओर से इस संबंध में कोई ताजा प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. यदि पुलिस गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि करती है, तो मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है.
दस्तावेज़ के अनुसार दर्ज मामलों का विवरण
1. बिष्टुपुर थाना कांड संख्या 21/2024.
2. सीतारामडेरा थाना कांड संख्या 133/2023.
3. गोलमुरी थाना कांड संख्या 14/2023.
4. सीतारामडेरा थाना कांड संख्या 123/2020.
5. सीतारामडेरा थाना कांड संख्या 134/2023.
6. एमजीएम (मानगो मुफस्सिल) थाना कांड संख्या 154/2024.
7. एमजीएम (मानगो मुफस्सिल) थाना कांड संख्या 168/2024.
8. बिष्टुपुर थाना कांड संख्या 02/2025.
9. बिष्टुपुर थाना कांड संख्या 09/2025.
उल्लेखनीय है कि दिनकर कच्छप अपने इस खेल में सोशल मीडिया का दुरुपयोग भी करते हैं. अपने साथ यूट्यूबर और फेसबुक इन्फेलुयेंसर की फौज लेकर चलते हैं और किसी भी पदाधिकारी को आदिवासी विरोधी बताकर उनका अपमान करने से नहीं चूकते. यहां तक कि उनके साथ घूमने वाले सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर उन्हें जमकर ट्रोल करते हैं. उनके आतंक से कोल्हान में नौकरी करने वाले सरकारी कर्मचारी से लेकर उद्यमी और कारोबारी परेशान हो चुके हैं. कई मामलों में पर्दे के पीछे से मोटी डील भी कर चुके हैं. पिछले साल आदित्यपुर के हथियाडीह प्रकरण और कांड्रा पावर ग्रिड प्रकरण में भी उन्होंने बड़ी भूमिका निभाई थी.
Edited By Sarita






