जमशेदपुर:सरायकेला-खरसावां जिले को जमशेदपुर से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण जाबिर पुलिया पर लाखों रुपये की लागत से लगाई गई लोहे की रेलिंग की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं. हल्की बारिश के बाद ही पुलिया के किनारे लगी रेलिंग टूटकर नाले में बह गई. इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और मजबूती को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है.


बताया जाता है कि जाबिर पुलिया पर राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोनों ओर लोहे की रेलिंग लगाई गई थी. इस कार्य में लाखों रुपये की सरकारी राशि खर्च होने की बात कही जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिया से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन और राहगीर आवागमन करते हैं. ऐसे में पुलिया की सुरक्षा रेलिंग का मजबूत और टिकाऊ होना बेहद जरूरी है.
स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माण कार्य पूरा होने के कुछ समय बाद ही हल्की बारिश के दौरान रेलिंग टूटकर नाले में बह गई. इसके बाद रेलिंग की गुणवत्ता और निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया.
जाबिर पुलिया सरायकेला क्षेत्र को जमशेदपुर से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर स्थित है. इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं. पुलिया के दोनों किनारों पर लगी रेलिंग राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है. ऐसे में रेलिंग का टूटकर नाले में बह जाना गंभीर मामला माना जा रहा है.
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है. लोगों का कहना है कि विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर रेलिंग के निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करें और जिम्मेदारी तय करें. लोगों ने पूरे मामले की जांच कर सरकारी राशि के सदुपयोग के साथ गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की है.
रिपोर्ट: अफरोज मलिक

