जामताड़ा: देवघर से जोड़ने वाले मार्ग पर दक्षिणबहाल जोरिया में करीब 1.80 करोड़ रुपये की लागत से तैयार पुल और एप्रोच रोड पहली ही बरसात में संकट में नजर आ रहे हैं. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जोरिया में तेज जलधारा बह रही है, जिससे डायवर्सन के नीचे की मिट्टी बह गयी है. इसके कारण सड़क का एक हिस्सा अंदर से खोखला हो गया है. इससे डायवर्सन के धंसने का खतरा बढ़ गया है. वहीं, भारी वाहनों के आवागमन को लेकर भी आशंका बनी हुई है.


मौके पर सबसे गंभीर स्थिति डायवर्सन के किनारे की है, जहां गार्डवाल का निर्माण नहीं कराया गया है. लगातार बारिश और तेज जलधारा के कारण सड़क के नीचे मिट्टी का कटाव हो रहा है. सोमवार की रात पानी पुल के ऊपर से बह गया था. मंगलवार से पुल के नीचे करीब एक से डेढ़ फीट पानी का तेज बहाव जारी है. बारिश का सिलसिला जारी रहने पर दोबारा पुल के ऊपर से पानी बहने की आशंका बनी हुई है.
ऊपर सड़क, नीचे खोखली जमीन से बढ़ा खतरा. सड़क का ऊपरी हिस्सा सामान्य दिखाई दे रहा है, लेकिन नीचे से मिट्टी बह जाने के कारण उसका आधार कमजोर हो गया है. ऐसे में भारी वाहनों के लगातार परिचालन से सड़क पर अतिरिक्त भार और कंपन पड़ने की स्थिति में कमजोर हिस्सा धंस सकता है. इससे आवागमन प्रभावित होने के साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है.
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से तत्काल स्थल का तकनीकी निरीक्षण कराने, कमजोर हिस्से को सुरक्षित करने तथा जलधारा से सड़क की नींव को बचाने के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय करने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं की गयी तो स्थिति और गंभीर हो सकती है.
छह महीने में ही निर्माण पर उठे सवाल. स्थानीय लोगों के अनुसार पुल और एप्रोच रोड का निर्माण हुए अभी कुछ ही महीने हुए हैं. पहली ही बरसात में सड़क के नीचे मिट्टी के कटाव और पुल पर दरारें दिखाई देने की बात सामने आने से निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं. ग्रामीणों का सवाल है कि करीब 1.80 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना यदि पहली ही बरसात में जल कटाव की चपेट में आ गयी, तो निर्माण के दौरान गुणवत्ता नियंत्रण और तकनीकी निगरानी किस स्तर पर हुई.
ग्रामीणों ने पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने की मांग की है. हालांकि, निर्माण में कथित अनियमितता, घटिया सामग्री के इस्तेमाल या अन्य किसी प्रकार की गड़बड़ी के आरोपों की वास्तविकता स्वतंत्र तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
कार्यपालक अभियंता बोले, भारी बारिश से हुई क्षति, घबराने की जरूरत नहीं. मामले में पथ प्रमंडल जामताड़ा के कार्यपालक अभियंता विक्की मुर्मू ने कहा कि भारी बारिश के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है. उन्होंने बताया कि वह स्वयं स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं और फिलहाल घबराने की कोई बात नहीं है. उनके अनुसार सड़क के नीचे से मिट्टी का बहना और दिखाई दे रही दरारें लगातार हुई भारी बारिश के कारण हैं. विभाग द्वारा यथाशीघ्र पुल और प्रभावित हिस्से की मरम्मत करायी जायेगी.
दक्षिणबहाल जोरिया में बढ़ता जलस्तर फिलहाल विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है. लगातार बारिश के बीच पुल, डायवर्सन और एप्रोच रोड की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गयी है. ऐसे में मरम्मत के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि भविष्य में जलधारा से सड़क की नींव को बचाने के लिए कौन से स्थायी सुरक्षात्मक उपाय किये जाते हैं. करीब 1.80 करोड़ रुपये की लागत, कुछ महीनों की उम्र और पहली ही बरसात में सड़क के नीचे मिट्टी का कटाव अब निर्माण की गुणवत्ता, जल निकासी व्यवस्था और तकनीकी निगरानी पर सवाल खड़े कर रहा है. विभाग ने जल्द मरम्मत का भरोसा दिया है. अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि मरम्मत कितनी प्रभावी और स्थायी साबित होती है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

