जामताड़ा: भारतीय रेलवे की यात्री सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है. हटिया से हाथीदह जा रहे एक यात्री का बैग पाटलिपुत्र एक्सप्रेस से चोरी हो गया. घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है.


पीड़ित यात्री दीपक कुमार पासवान ने बताया कि वह ट्रेन संख्या 18622 पाटलिपुत्र एक्सप्रेस के एस-3 कोच में यात्रा कर रहे थे. चितरंजन स्टेशन पहुंचने से पहले वह कुछ मिनट के लिए शौचालय गए थे. इसी दौरान एक उचक्का उनकी सीट पर रखा बैग लेकर फरार हो गया. सहयात्रियों के अनुसार एक युवक बैग लेकर ट्रेन रुकते ही स्टेशन पर उतर गया.
पीड़ित के अनुसार बैग में पैन कार्ड, वोटर आईडी, एटीएम कार्ड, ब्लूटूथ डिवाइस, कपड़े और नकदी रखी हुई थी. घटना के बाद उन्होंने आरपीएफ हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उन्हें तत्काल कार्रवाई के बजाय गंतव्य स्टेशन पहुंचकर शिकायत करने की सलाह दी गई.
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ट्रेन में उस समय कोई सुरक्षा बल मौजूद नहीं था. टीटीई ने भी स्वीकार किया कि इस रात्रिकालीन ट्रेन में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती नहीं रहती, जिससे यात्रियों और रेलवे कर्मियों दोनों को परेशानी होती है.
अब बड़ा सवाल यह है कि जब ट्रेनें रातभर सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करती हैं, तो यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है ? लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाएं और सुरक्षा बलों की कमी रेलवे की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं.
फिलहाल रेलवे प्रशासन चितरंजन स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की बात कह रहा है, लेकिन यात्रियों का कहना है कि केवल जांच नहीं, बल्कि ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

