bihar-voter-list-revision बेगुसराय: मतदाता पुनरीक्षण कार्य में लापरवाही के आरोप में बीएलओ निलंबित, प्राथमिकी दर्ज, बीएलओ ने अधिकारी पर फंसाने का लगाया आरोप
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बेगूसराय: जिले के बरौनी प्रखंड के नूरपुर फोकानिया पूर्वी भाग में मतदाता गहन पुनरीक्षण कार्य के दौरान बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) वजाहत अली फारूखी को लापरवाही और गलत सूचना देने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. बरौनी प्रखंड विकास पदाधिकारी अनुरंजन कुमार के आवेदन पर रिफाइनरी थाना में उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है.
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जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी तुषार सिंगला के निर्देश पर की गई जांच में वजाहत अली को दोषी पाया गया. उन पर गलत जानकारी साझा करने और निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत कार्य करने का आरोप है. जिला समाहरणालय कार्यालय से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बीएलओ के निलंबन और प्राथमिकी की पुष्टि की गई है. हालांकि निलंबन के बाद वजाहत अली फारूखी ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि उन्हें जानबूझकर फंसाया गया है क्योंकि उन्होंने अधिकारियों की मनमानी के खिलाफ मीडिया में आवाज उठाई थी. फारूखी ने कहा कि उन्हें लगातार एक महिला कर्मचारी द्वारा फोन कर जल्दी- जल्दी फॉर्म अपलोड करने का दबाव बनाया जा रहा था. उन्होंने कहा, “हम चुनाव आयोग के गाइडलाइन के अनुसार डोर-टू-डोर काम कर रहे थे, लेकिन ऑफिस से कहा जा रहा था कि घर- घर न जाकर खुद से ही फॉर्म भरकर सबमिट कर दीजिए.” वजाहत अली ने यह भी दावा किया कि उन्होंने मीडिया में बीडीओ और एसडीओ को शो- कॉज किए जाने की बात कही थी, जिसके बाद अधिकारियों को बचाने के लिए उन पर झूठा केस लाद दिया गया. फारूखी ने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी है जिसमें कथित तौर पर बरौनी ब्लॉक से एक महिला कर्मचारी उन्हें दबाव बनाकर काम करने को कह रही है. उन्होंने कहा कि अभी तक उन्हें औपचारिक रूप से निलंबन की सूचना नहीं दी गई है और 14 जुलाई तक वह ड्यूटी पर थे. उन्होंने दावा किया कि अब तक 1400 में से 1000 मतदाता फॉर्म उन्होंने भरे और जमा किए हैं. जांच रिपोर्ट के बाद मटिहानी विधानसभा के निर्वाचन पदाधिकारी सह भूमि सुधार उपसमाहर्ता बेगूसराय को आदेश दिया गया है कि नूरपुर फोकानिया पूर्वी भाग में अब तक जमा किए गए सभी फॉर्म की दोबारा जांच की जाए. रिफाइनरी थाना अध्यक्ष ने पुष्टि की है कि बरौनी बीडीओ के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पूरे मामले की तहकीकात शुरू कर दी गई है. वहीं बीएलओ ने कहा कि जिस तरीके से महिला अधिकारी बनकर फोन किया गया और कहा गया कि घर में बैठकर ही फॉर्म भरकर फिलअप करें, वह नियम के खिलाफ था.