सरायकेला: नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज अस्पताल, आदित्यपुर के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ. अस्पताल के चिकित्सकों ने सर्जरी के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार एक मरीज के दोनों घुटनों का एक साथ सफल प्रत्यारोपण (बाइलेटरल नी रिप्लेसमेंट) कर नया इतिहास रच दिया. इस सफलता के साथ अस्पताल ने अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है.



इस उपलब्धि पर संस्थान के चेयरमैन मदन मोहन सिंह ने चिकित्सकों की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अस्पताल लगातार आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि अगले एक सप्ताह के भीतर अस्पताल में कैथ लैब की सुविधा शुरू हो जाएगी, जिससे हृदय रोगियों को बेहतर और अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध हो सकेगा.
उन्होंने बताया कि दो माह पूर्व ही अस्पताल में एमआरआई सेवा की शुरुआत की जा चुकी है, जिससे मरीजों को उन्नत जांच सुविधा का लाभ मिल रहा है. इसके साथ ही इसी शैक्षणिक सत्र से मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 200 सीटों पर नामांकन प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी.
मदन मोहन सिंह ने बताया कि वर्ष 2027 में रांची-टाटा मुख्य मार्ग पर 25 एकड़ भूमि में विकसित हो रहे मदन मोहन सिंह मेडिकल कॉलेज में ओपीडी सेवा शुरू कर दी जाएगी. वहीं वर्ष 2028 से वहां एमबीबीएस की पढ़ाई भी प्रारंभ करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य झारखंड सहित पूर्वी भारत के लोगों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराना है.





