आदित्यपुर: कुलुपटांगा फीडर में लंबे समय से बनी बिजली संकट की समस्या को दूर करने की दिशा में बड़ी पहल सामने आई है. आदित्यपुर गम्हरिया विकास समिति के अध्यक्ष सह नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेंद्र नारायण सिंह के प्रयास अब असर दिखाने लगे हैं. उनके नेतृत्व में हाल ही में जमशेदपुर विद्युत एरिया बोर्ड के महाप्रबंधक अजीत कुमार से की गई मुलाकात के बाद विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है.

बुधवार को विभाग ने कुलुपटांगा फीडर को दो हिस्सों में विभाजित कर दिया. विभाजन के बाद बने नए फीडर का नाम “आसंगी फीडर” रखा गया है. इस फैसले से क्षेत्र के हजारों बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. जानकारी के अनुसार पहले कुलुपटांगा फीडर पर लगभग 300 एम्पीयर तक लोड पहुंच जाता था, जिसके कारण लगातार ट्रिपिंग और बिजली बाधित होने की समस्या बनी रहती थी. फीडर विभाजन के बाद लोड घटकर करीब 210 एम्पीयर तक पहुंच गया है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मैदानी स्तर पर चल रहे कार्य पूरे होने के बाद अगले एक सप्ताह के भीतर इसे और घटाकर 170 एम्पीयर तक लाने का लक्ष्य है.

हालांकि फीडर विभाजन के बावजूद क्षेत्र में बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई समस्याएं अब भी जस की तस बनी हुई हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि 11 केवी लाइन के जर्जर 200 किलो वाले खंभों को बदलकर मजबूत 400 किलोग्राम क्षमता वाले पोल लगाने, पेड़ों की टहनियों की छंटाई करने और खराब इंसुलेटर बदलने जैसे जरूरी मेंटेनेंस कार्य अब तक शुरू नहीं किए गए हैं. स्थानीय उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि पुरेंद्र नारायण सिंह की पहल के बाद विभाग शेष कार्यों को भी जल्द पूरा करेगा, ताकि क्षेत्र को बार- बार होने वाले ब्रेकडाउन और बिजली कटौती से स्थायी राहत मिल सके. लोगों का कहना है कि यदि मेंटेनेंस और आधारभूत सुधारों पर गंभीरता से काम किया गया, तो आदित्यपुर क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पहले की तुलना में काफी बेहतर हो सकती है.



