आदित्यपुर: नगर निगम के वार्ड संख्या-17 स्थित सेंट्रल पब्लिक स्कूल के पास शनिवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक गाय के शौचालय की टंकी में गिरने की जानकारी सामने आई. बताया जा रहा है कि गाय शुक्रवार दोपहर से ही टंकी में गिरी हुई थी, लेकिन काफी देर तक किसी को इसकी जानकारी नहीं हुई.


स्थानीय लोगों के अनुसार, शनिवार को टंकी के अंदर से गाय के तेज आवाज में रंभाने की आवाज सुनाई दी. इसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो गाय को शौचालय की टंकी में फंसा पाया. लोगों ने तत्काल इसकी जानकारी वार्ड पार्षद नीतू शर्मा को दी.
सूचना मिलते ही पार्षद ने नगर निगम के संबंधित कर्मियों को तत्काल रेस्क्यू टीम भेजकर गाय को सुरक्षित बाहर निकालने का निर्देश दिया. सूचना पर पहुंची नगर निगम की रेस्क्यू टीम में शामिल मंटू तोमर, प्रदीप मुखी, दीपक सिंह, विमल बेहरा, अमित कुमार सिंह, अरुण हरिजन, सूरज, आशु मुखी और सुभाष सोय ने कड़ी मशक्कत के बाद गाय को शौचालय की टंकी से बाहर निकाला. इसके बाद गाय की सफाई भी की गई.
खुली टंकी को लेकर पार्षद ने जताई नाराजगी
पार्षद नीतू शर्मा ने घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि शौचालय की टंकी का खुला होना अपने आप में बड़ी लापरवाही है. उन्होंने कहा कि इससे भी बड़ी लापरवाही मवेशी पालक की है, जिसे यह जानकारी रखनी चाहिए कि उसका मवेशी चरने के बाद वापस खटाल या तबेले में लौटा है या नहीं. उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर टंकी को खुला छोड़ने वाले तथा मवेशी पालक की जिम्मेदारी तय की जाएगी. लापरवाही सामने आने पर दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
मालिक के सामने आने तक निगम की संपत्ति होगी गाय
पार्षद के निर्देश पर रेस्क्यू के बाद गाय को नगर निगम कार्यालय ले जाया गया. नीतू शर्मा ने कहा कि जब तक गाय का मालिक सामने नहीं आता, तब तक यह निगम की संपत्ति रहेगी. उन्होंने रेस्क्यू अभियान में शामिल निगम कर्मियों के प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें निजी तौर पर सम्मानित करने की बात कही.
‘दूध देना बंद किया तो खुले में छोड़ना पाप के साथ कानूनी अपराध भी’
नीतू शर्मा ने मवेशी पालकों को लेकर भी गंभीर टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि जब तक गाय दूध देती है, तब तक वह प्रिय लगती है, लेकिन दूध देना बंद करते ही उसे खुले में छोड़ दिया जाता है. उन्होंने कहा कि ऐसा करना पाप के साथ-साथ कानूनी अपराध भी है. ऐसे मवेशी पालकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की जरूरत है.
फिलहाल नगर निगम की रेस्क्यू टीम गाय को सुरक्षित बाहर निकालकर निगम कार्यालय ले गई है. घटना ने शहर में खुले शौचालयों, असुरक्षित टंकियों और आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. समय रहते गाय की जानकारी नहीं मिलती तो उसकी जान को खतरा हो सकता था.

