चांडिल: ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के नीमडीह और कुकड़ू प्रखंड के किसानों के लिए सिंचाई के क्षेत्र में बड़ी पहल सामने आई है. नीमडीह- कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना के लिए 607.03 करोड़ रुपये की कैबिनेट मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई है. योजना के तहत चांडिल जलाशय से पानी लिफ्ट कर भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से कृषि क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रस्ताव है. नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट योजना राज्य सरकार की प्रस्तावित प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं में शामिल रही है.


योजना का मुख्य उद्देश्य नीमडीह एवं कुकड़ू प्रखंड के खेतों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाना और किसानों की वर्षा पर निर्भरता कम करना है. भूमिगत पाइपलाइन आधारित व्यवस्था होने के कारण पारंपरिक नहरों की तुलना में भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता कम होने की बात भी इस तरह की मेगा लिफ्ट योजनाओं की विशेषता के रूप में सामने आई है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मई में जल संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान नीमडीह- कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना समेत राज्य की विभिन्न प्रस्तावित परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए थे. सरकार का जोर खेतों तक पर्याप्त सिंचाई जल पहुंचाने और योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर रहा है.
‘किसानों के हित में महत्वपूर्ण उपलब्धि’: सविता महतो
ईचागढ़ विधायक सविता महतो ने योजना की मंजूरी पर खुशी जताते हुए कहा कि नीमडीह और कुकड़ू क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई सुविधा का विस्तार उनकी प्राथमिकताओं में रहा है. उन्होंने कहा, “इस योजना के धरातल पर उतरने से किसानों को खेती के लिए पानी उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ी सुविधा मिलेगी. वर्षा पर निर्भरता कम होगी और कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी. अब हमारी कोशिश रहेगी कि योजना का क्रियान्वयन तेजी और गुणवत्ता के साथ हो तथा इसका लाभ वास्तविक रूप से क्षेत्र के किसानों तक पहुंचे.”
विधायक ने कहा कि ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में कृषि आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है और सिंचाई सुविधा मजबूत होने से किसानों को एक से अधिक फसल लेने के अवसर बढ़ सकते हैं. उन्होंने योजना को मंजूरी देने के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन की प्रगति पर भी नजर रखी जाएगी.
अब क्षेत्र के किसानों की निगाह योजना के धरातल पर उतरने और निर्माण कार्य शुरू होने पर रहेगी. परियोजना समय पर पूरी होने पर नीमडीह-कुकड़ू क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है.

