सरायकेला: समाहरणालय में मंगलवार को उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया. जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं से संबंधित आवेदन सौंपे. उपायुक्त ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को प्राप्त आवेदनों की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने और मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.


कृत्रिम अंग केंद्र की स्थापना से लेकर आवास की किस्त तक के मामले
जनता दरबार में दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए कृत्रिम अंग केंद्र की स्थापना एवं संचालन हेतु सरकारी परिसर और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई. इसके अलावा भूमि की मापी एवं सीमांकन, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित किस्तों का भुगतान, पेयजल व्यवस्था, चिकित्सा सहायता तथा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया को सुगम बनाने से संबंधित आवेदन भी प्रस्तुत किए गए.
उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को सभी मामलों की जांच कर प्रचलित नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया, ताकि आवेदकों को समय पर राहत मिल सके.
पशु प्रक्षेत्र और खनन से जुड़े मुद्दे भी उठे
जनता दरबार में राजकीय पशु प्रक्षेत्र, सरायकेला के तितिरबिला परिसर में पशुओं के रखरखाव और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुए. वहीं, खनन एवं पत्थर क्रशर संचालन से जुड़े मामलों को भी प्रशासन के समक्ष रखा गया.
इसके अतिरिक्त आदित्यपुर स्थित आस्था आर्केड डुप्लेक्स परिसर में पार्किंग व्यवस्था के अनुपालन और आपसी समन्वय में आ रही बाधाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए गए. उपायुक्त ने संबंधित विभागों को मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा आवश्यकता पड़ने पर आपसी समन्वय स्थापित कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
समयबद्ध निष्पादन पर प्रशासन का जोर
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने संबंधित पदाधिकारियों को जनता दरबार में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से विचार करते हुए नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई करने और आवेदकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. जनता दरबार का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचाना और उनके समाधान की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना है. अब संबंधित विभागों की कार्रवाई पर नजर रहेगी कि विभिन्न समस्याओं के समाधान और लंबित मामलों के निष्पादन में कितनी तेजी आती है.

