आदित्यपुर: बदहाल सड़कें, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में अब सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं. ताजा मामला ईएमसी बिल्डिंग से जुड़ा है, जहां 25 अक्टूबर की रात कथित तौर पर चोरी की नीयत से परिसर में घुसे एक संदिग्ध युवक को निजी सुरक्षा कर्मियों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया. सुरक्षा एजेंसी की ओर से थाने में लिखित आवेदन भी दिए जाने की बात कही गई है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी.


आरोप है कि संदिग्ध को पुलिस के हवाले करने के बावजूद मामले में प्राथमिकी और अन्य कानूनी कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. हालांकि युवक वास्तव में चोरी की नीयत से परिसर में घुसा था या नहीं, इसका निर्धारण पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा.
आवेदन देने के बाद गार्ड को धमकी का आरोप
मामले को और गंभीर बनाता है सुरक्षा एजेंसी की ओर से दिया गया लिखित आवेदन. बताया जा रहा है कि आवेदन में संदिग्ध को पकड़ने और पुलिस को सौंपने के घटनाक्रम के साथ यह भी आरोप लगाया गया है कि शिकायत के बाद कुछ लोगों द्वारा सुरक्षा गार्ड को धमकी दी जा रही है.
यदि यह आरोप सही है तो सवाल केवल एक कथित चोरी के प्रयास तक सीमित नहीं रह जाता. निजी सुरक्षा कर्मी किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को देते हैं और इसके बाद उन्हें ही धमकी मिलने लगे तो औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होना स्वाभाविक है.
सड़क और स्ट्रीट लाइट की बदहाली के बीच सुरक्षा की नई चुनौती
ईएमसी सेक्टर में बुनियादी ढांचे की स्थिति को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं. क्षेत्र में सड़क और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं की स्थिति को लेकर उद्यमियों की शिकायतें सामने आती रही हैं. रात में पर्याप्त रोशनी और बेहतर सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं सुरक्षा व्यवस्था से भी सीधे जुड़ी हैं.
इस क्षेत्र का महत्व लगातार बढ़ रहा है. यहां कोल्हान का एक बड़ा निजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल संचालित हो चुका है. एक अंग्रेजी स्कूल सहित कई कंपनियों का आधारभूत ढांचा तैयार है और कई इकाइयां संचालन में हैं. एक अन्य बड़े अस्पताल के भी खुलने की तैयारी है. ऐसे में ईएमसी सेक्टर में कानून-व्यवस्था के साथ आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना और महत्वपूर्ण हो जाता है.
संदिग्ध पुलिस के हवाले तो कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं ?
इस घटनाक्रम के बाद कुछ बुनियादी सवाल उठ रहे हैं. सुरक्षा एजेंसी का लिखित आवेदन मिलने के बाद पुलिस ने क्या कार्रवाई की ? संदिग्ध युवक से पूछताछ में क्या सामने आया ? घटनास्थल के CCTV फुटेज की जांच हुई या नहीं ? गार्ड को धमकी देने के आरोप की जांच किस स्तर पर की जा रही है ?
साथ ही उद्यमियों और संबंधित औद्योगिक संगठनों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है. औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा केवल पुलिस अथवा निजी सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रतिष्ठानों, औद्योगिक संगठनों और जियाडा के बीच समन्वय का भी विषय है.
आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में निवेश और नई परियोजनाओं को आकर्षित करने के लिए बेहतर आधारभूत संरचना के साथ सुरक्षित वातावरण भी जरूरी है. अब निगाहें पुलिस, जियाडा और उद्यमी संगठनों पर हैं कि ईएमसी सेक्टर में सामने आए इस मामले और व्यापक सुरक्षा संबंधी चिंताओं को वे किस गंभीरता से लेते हैं.

