सरायकेला: जिले के आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 17 में गुरुवार को झारखंड राज्य आवास बोर्ड की खाली पड़ी जमीन की घेराबंदी को लेकर जमकर विवाद हुआ. आवास बोर्ड की ओर से बाउंड्री वॉल निर्माण शुरू कराए जाने की जानकारी मिलते ही स्थानीय वार्ड पार्षद और बड़ी संख्या में वार्डवासी मौके पर पहुंच गए और काम का विरोध शुरू कर दिया. देखते ही देखते आवास बोर्ड के अधिकारियों, पार्षद और स्थानीय लोगों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक शुरू हो गई.


विवाद की मुख्य वजह क्षेत्र की वर्षों पुरानी जलनिकासी की समस्या बताई जा रही है. स्थानीय लोगों और पार्षद का कहना है कि जिस जमीन की घेराबंदी की जा रही है, उसके आसपास के इलाके में बरसात के दौरान बड़े पैमाने पर जलजमाव होता है. ऐसे में पहले नाली और पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था किए बगैर बाउंड्री वॉल बना दिए जाने से समस्या और गंभीर हो सकती है.
पहले नाली, उसके बाद बाउंड्री वॉल की मांग
वार्ड पार्षद नीतू शर्मा ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य तत्काल रोकने की मांग की. उनका कहना था कि आवास बोर्ड अपनी जमीन की सुरक्षा करे, इसका विरोध नहीं है, लेकिन किसी विभाग की योजना के कारण आसपास रहने वाले लोगों की परेशानी नहीं बढ़नी चाहिए.
पार्षद ने कहा कि नगर निगम द्वारा पहले संबंधित क्षेत्र में नाली का निर्माण कर जलनिकासी का रास्ता सुनिश्चित किया जाए. इसके बाद आवास बोर्ड अपनी जमीन की घेराबंदी करे. यदि पहले बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी गई और बाद में नाली निर्माण की आवश्यकता पड़ी तो तकनीकी एवं व्यावहारिक समस्या पैदा हो सकती है.

स्थानीय लोगों ने भी पार्षद की मांग का समर्थन किया. लोगों का कहना था कि बारिश के दिनों में क्षेत्र में पहले से जलजमाव की गंभीर समस्या रहती है. ऐसे में भविष्य की जलनिकासी व्यवस्था को ध्यान में रखे बिना निर्माण करना उचित नहीं होगा.
आवास बोर्ड बोला- स्वीकृति और फंड मिलने के बाद शुरू किया काम
दूसरी ओर आवास बोर्ड के अधिकारियों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि संबंधित जमीन विभाग की है और उसकी सुरक्षा के लिए घेराबंदी की योजना स्वीकृत है. बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए विभाग से स्वीकृति के साथ राशि भी उपलब्ध कराई गई है. विभागीय निर्देश के तहत ही निर्माण कार्य शुरू कराया गया है. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस होती रही. स्थानीय लोगों की भीड़ बढ़ने के साथ मौके पर हंगामे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई.
नगर निगम के अधिकारी पहुंचे, समाधान निकालने की कोशिश
मामले की जानकारी मिलने के बाद आदित्यपुर नगर निगम के संबंधित अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने आवास बोर्ड के प्रतिनिधियों, पार्षद और स्थानीय लोगों से बातचीत कर विवाद शांत कराने का प्रयास किया. इस दौरान जलनिकासी के लिए नाली की आवश्यकता और आवास बोर्ड की जमीन की घेराबंदी, दोनों पहलुओं पर चर्चा हुई. नगर निगम की ओर से ऐसा समाधान निकालने पर जोर दिया गया जिससे आवास बोर्ड की जमीन की सुरक्षा भी हो और स्थानीय आबादी के लिए पानी निकासी का रास्ता भी प्रभावित न हो.
हंगामे के बीच पहुंचे डिप्टी मेयर अंकुर सिंह
विवाद बढ़ने की सूचना पर अंत में आदित्यपुर नगर निगम के डिप्टी मेयर अंकुर सिंह भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और स्थानीय लोगों के साथ आवास बोर्ड के अधिकारियों से बातचीत की. डिप्टी मेयर ने आवास बोर्ड के अधिकारियों को स्पष्ट किया कि मामला केवल जमीन की घेराबंदी का नहीं, बल्कि क्षेत्र की जलनिकासी व्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है. इसलिए किसी एक विभाग द्वारा अपने स्तर से फैसला करने के बजाय नगर निगम और झारखंड राज्य आवास बोर्ड के बीच बैठक कर इसका समाधान निकाला जाएगा. उन्होंने कहा कि आवास बोर्ड और नगर निगम की संयुक्त बोर्ड बैठक के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा. तब तक ऐसा कोई कार्य नहीं होना चाहिए जिससे क्षेत्र के लोगों की जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित हो.
फिलहाल रोक दिया गया बाउंड्री वॉल का काम
काफी देर तक चले विवाद और बातचीत के बाद आवास बोर्ड की ओर से फिलहाल घेराबंदी का काम रोक दिया गया. इससे तत्काल विवाद शांत हुआ. हालांकि समस्या का स्थायी समाधान अभी बाकी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वे विकास अथवा सरकारी जमीन की सुरक्षा के विरोध में नहीं हैं. उनकी मांग केवल इतनी है कि बाउंड्री वॉल निर्माण से पहले पानी की निकासी के लिए नाली की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. अब इस पूरे मामले में नगर निगम और झारखंड राज्य आवास बोर्ड की प्रस्तावित बैठक महत्वपूर्ण होगी. बैठक में जलनिकासी और जमीन की सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखते हुए क्या रास्ता निकाला जाता है, इस पर वार्डवासियों की निगाहें टिकी हैं.

