चांडिल: अनुमंडल में अवैध बालू खनन और परिवहन को लेकर राजनीतिक आरोप- प्रत्यारोप तेज हो गया है. झारखंड आंदोलनकारी परिवार से जुड़ी जिप उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने पूर्व जिप उपाध्यक्ष सह ग्राम प्रधान अशोक साव उर्फ़ माझी साव पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके पिछले कार्यकाल और कथित गतिविधियों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है.


मधुश्री महतो ने कहा कि आज जब चुनाव सामने है तो कुछ लोग अवैध बालू कारोबार के खिलाफ ज्ञान बांटते हुए खुद को जनता का हितैषी साबित करने में जुट गए हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब पिछले चार-पांच वर्षों से सुवर्णरेखा नदी से कथित तौर पर रात में जेसीबी, हाइवा और ट्रैक्टर के जरिए बालू का अवैध खनन एवं परिवहन हो रहा था, तब संबंधित व्यक्ति ने इसके खिलाफ आवाज क्यों नहीं उठाई.
उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति स्वयं कथित तौर पर जेसीबी एवं अन्य वाहनों के जरिए बालू कारोबार से जुड़ा रहा है. मधुश्री ने प्रशासन से इन आरोपों की जांच कर वास्तविकता सार्वजनिक करने की मांग की है.
चावल से लेकर गैस एजेंसी तक के आरोपों की जांच की मांग
मधुश्री महतो ने पूर्व उपाध्यक्ष पर पूर्व में चावल की कथित हेराफेरी से जुड़े आरोप लगने का दावा भी किया. उन्होंने एक ट्रैक्टर के तिरुलडीह थाना में जब्त होने की बात कहते हुए इसकी सत्यता पुलिस एवं संबंधित विभाग के रिकॉर्ड से स्पष्ट करने की मांग की. उन्होंने रसोई गैस डीलरशिप को लेकर भी सवाल उठाए. आरोप लगाया कि कुकड़ू प्रखंड के पारगामा के नाम पर गैस एजेंसी प्राप्त करने के बाद उसका गोदाम और शोरूम कथित रूप से दूसरे स्थान पर संचालित किया जा रहा है. उन्होंने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच और अनियमितता पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की. मधुश्री ने दावा किया कि वह अवैध बालू खनन, परिवहन और भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर जिला प्रशासन से लेकर राज्यपाल तक पूर्व में लिखित शिकायत करती रही हैं और आगे भी करती रहेंगी.
सिरुम शहीद चौक की घटना का भी उठाया मामला
मधुश्री महतो ने 12 जुलाई 2025 को सिरुम शहीद चौक के समीप ग्रामीणों द्वारा कथित तौर पर दो हाइवा पकड़े जाने की घटना का उल्लेख करते हुए पूर्व उपाध्यक्ष की भूमिका और स्थानीय प्रशासन से कथित मिलीभगत की जांच की मांग की. उन्होंने 18 जुलाई 2025 को कुकड़ू में हुए पुतला दहन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि बालू कारोबार को लेकर राजनीति की गई और क्षेत्र के ट्रैक्टर मालिकों को मोहरा बनाकर कथित अवैध कारोबार को छिपाने का प्रयास किया गया.
“सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली”
मधुश्री महतो ने तीखा हमला करते हुए कहा कि “सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली” वाली राजनीति को अब जनता समझ चुकी है. उन्होंने प्रशासन से पिछले पांच वर्षों में क्षेत्र में हुए बालू खनन एवं परिवहन, जब्त वाहनों और जेसीबी, चालान, सरकारी राजस्व तथा प्रशासन को मिली शिकायतों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि अवैध कारोबार में वास्तव में कौन- कौन शामिल रहा और किसके खिलाफ कब- कब कार्रवाई हुई. दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए.

