जामताड़ा: मिहिजाम नगर परिषद क्षेत्र के कानगोई स्थित करीब 80 वर्ष पुराने विश्वकर्मा मंदिर का अब कायाकल्प होगा. मंगलवार को मंदिर परिसर में आयोजित खिचड़ी भोग कार्यक्रम के बाद विश्वकर्मा समाज की बैठक में सर्वसम्मति से जर्जर मंदिर भवन को नए और भव्य स्वरूप में पुनर्निर्मित करने का निर्णय लिया गया. इस महत्वाकांक्षी योजना को जनसहयोग से पूरा किया जाएगा.



बैठक में बताया गया कि वर्ष 1951 में स्थापित यह मंदिर वर्षों से क्षेत्रवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है. समय के साथ मंदिर भवन जर्जर हो गया है और लगातार मरम्मत की आवश्यकता पड़ रही है. इसे देखते हुए समाज के पदाधिकारियों और युवाओं ने आधुनिक सुविधाओं से युक्त आकर्षक एवं भव्य मंदिर निर्माण का संकल्प लिया.
समाज के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य के दौरान भगवान विश्वकर्मा की मूल प्रतिमा को उसी स्थान पर पूरी सुरक्षा के साथ स्थापित रखा जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं की पूजा-अर्चना और आस्था प्रभावित न हो.
बैठक में मंदिर निर्माण के लिए जल्द ही एक निर्माण समिति गठित करने का भी निर्णय लिया गया. समिति निधि संग्रह, निर्माण कार्य की निगरानी और जनसहयोग जुटाने का दायित्व निभाएगी. वरिष्ठ पदाधिकारी समिति का मार्गदर्शन करेंगे.
समाज के लोगों ने कहा कि जामताड़ा, मिहिजाम, चित्तरंजन और रूपनारायणपुर की विश्वकर्मा समितियों का हमेशा सहयोग मिलता रहा है. इस बार भी सभी धर्मप्रेमी नागरिकों और सामाजिक संगठनों से मंदिर निर्माण में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की गई है, ताकि भगवान विश्वकर्मा का भव्य मंदिर जल्द साकार हो सके.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल





