जामताड़ा: जसीडीह बाईपास नई ब्रॉड गेज रेल लाइन के परिचालन का रास्ता साफ हो गया है। रेलवे सुरक्षा कमिश्नर (CRS), ईस्टर्न सर्कल गुरु प्रकाश ने देवघर लिंक केबिन से कुमराबाद रोहिणी के बीच नवनिर्मित 4.856 किलोमीटर रेल लाइन का निरीक्षण किया. निरीक्षण के बाद CRS ने इस रेलखंड पर यात्री एवं मालगाड़ियों के परिचालन को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की सेक्शनल स्पीड से मंजूरी दे दी. देवघर लिंक केबिन (किमी 3.957) से कुमराबाद रोहिणी (किमी 8.813) तक बनी इस बाईपास लाइन पर करीब 293.67 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. 1676 एमएम ब्रॉड गेज की यह लाइन 25 केवी एसी ट्रैक्शन से पूरी तरह विद्युतीकृत है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब देवघर की ओर जाने वाली ट्रेनों को जसीडीह जंक्शन से होकर गुजरने की जरूरत नहीं होगी.


इंजन रिवर्स की झंझट होगी खत्म
बाईपास रेल लाइन शुरू होने से देवघर जाने वाली ट्रेनों के परिचालन में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा. जसीडीह जंक्शन पर इंजन को पीछे की ओर चलाकर दिशा बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे ट्रेन संचालन का समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी और क्रू की तैनाती संबंधी जरूरतें भी घटेंगी. साथ ही जसीडीह जंक्शन पर परिचालन का दबाव कम होने की उम्मीद है.
12 पुल और दो आरओबी का निर्माण
4.856 किमी लंबे इस रेलखंड में 12 पुल बनाए गए हैं.इनमें 11 छोटे आरसीसी बॉक्स ब्रिज तथा एक 18.3 मीटर लंबा कंपोजिट गर्डर ब्रिज शामिल है.इसके अलावा दो रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) भी बनाए गए हैं.
रेल लाइन को 60 किलोग्राम आर-260 लॉन्ग वेल्डेड रेल और पीएससी स्लीपर पर बिछाया गया है. लाइन में सात कर्व हैं, जिसमें सबसे तीखा कर्व 375 मीटर रेडियस का है. रेलखंड का अधिकतम ग्रेडिएंट 1:180 है.
सिग्नलिंग और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच
निरीक्षण के दौरान CRS ने ट्रैक, रेलवे फॉर्मेशन, पुल, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग सहित विभिन्न सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया. नए रेलखंड की परिचालन तैयारी परखने के लिए मोटर ट्रॉली से भी निरीक्षण किया गया.

रेलखंड को इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) और मल्टीपल एस्पेक्ट कलर लाइट सिग्नलिंग से लैस किया गया है. देवघर लिंक केबिन में ‘बी’ क्लास स्टैंडर्ड-II तथा कुमराबाद रोहिणी में ‘एसपीएल’ क्लास स्टैंडर्ड-III सिग्नलिंग व्यवस्था की गई है। रेलखंड पर दो लेवल क्रॉसिंग भी हैं, जहां आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं.
देवघर की कनेक्टिविटी को मिलेगा फायदा
देवघर देश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्रों में शामिल है. ऐसे में बाईपास रेल लाइन से देवघर की रेल कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलने की उम्मीद है. इससे यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन को भी सुविधा मिलेगी। रेलवे के अनुसार, बेहतर कनेक्टिविटी से तीर्थ पर्यटन, माल ढुलाई और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है.जसीडीह बाईपास रेल लाइन को यात्री और माल यातायात के लिए 100 किमी प्रति घंटे की गति से मंजूरी मिलना रेलवे के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है. इससे एक ओर देवघर तक रेल परिचालन अधिक सुगम होगा, वहीं दूसरी ओर जसीडीह जंक्शन पर परिचालन का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

