चांडिल: सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली नगर परिषद क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट लगाने के दौरान करंट की चपेट में आए प्राइवेट मिस्त्री शादाब खान (28) पिछले पांच दिनों से जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं. परिजनों ने आरोप लगाया है कि हादसे के बाद अब तक न तो ठेकेदार और न ही संबंधित एजेंसी ने इलाज की पूरी जिम्मेदारी ली है, जिससे परिवार गंभीर आर्थिक संकट में फंस गया है.



जानकारी के अनुसार, बंधुगोड़ा (वार्ड संख्या-14) निवासी शादाब खान, पिता अब्दुल सत्तार खान, कपाली नगर परिषद क्षेत्र में बिजली के पोल पर स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य कर रहे थे. इसी दौरान वे करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें तत्काल एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है.
परिजनों ने बताया कि यदि निजी अस्पताल में इलाज कराया जाए तो करीब 1.20 लाख रुपये का खर्च आएगा. चिकित्सकों के अनुसार, करंट लगने से शादाब का दाहिना हाथ गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसमें स्टील प्लेट लगाने की आवश्यकता है. साथ ही करंट के प्रभाव से उन्हें हार्ट अटैक भी आया, जिससे उनकी स्थिति और अधिक गंभीर हो गई.
घटना की जानकारी मिलने पर वार्ड संख्या-14 के पार्षद मोहम्मद मुमताज अंसारी एमजीएम अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने बताया कि स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य कपाली नगर परिषद द्वारा टेंडर के माध्यम से रांची के ठेकेदार सत्य प्रकाश को दिया गया था.
वार्ड पार्षद के अनुसार, घायल के इलाज को लेकर ठेकेदार से बातचीत की गई तो उन्होंने केवल 30 हजार रुपये आर्थिक सहायता देने की बात कही. परिजनों ने इसे इलाज के लिए अपर्याप्त बताते हुए स्वीकार करने से इनकार कर दिया. आरोप है कि इसके बाद ठेकेदार ने अतिरिक्त सहायता देने से भी मना कर दिया और मामले से स्वयं को अलग कर लिया.
घायल शादाब खान के परिवार ने कपाली क्षेत्र के नागरिकों, समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों से आर्थिक सहयोग की अपील की है. उनका कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और अब इलाज का खर्च उठाना संभव नहीं है. उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसी से दुर्घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने, समुचित मुआवजा देने तथा इलाज का पूरा खर्च वहन कराने की मांग की है. फिलहाल शादाब खान का एमजीएम अस्पताल में इलाज जारी है और परिजन उनकी जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं.
रिपोर्ट: अफ़रोज़ मल्लिक





