जमशेदपुर: पूर्वी विधानसभा की विधायक पूर्णिमा दास साहू ने किसानों और ग्रामीण महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए अनोखी मिसाल पेश की. रांची से जमशेदपुर लौटने के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-33 पर तमाड़ के नीरूडीह गांव के पास खेतों में धान रोपनी करती महिलाओं को देखकर उन्होंने अपना काफिला रुकवाया और सीधे खेत में उतर गईं.



विधायक पूर्णिमा दास साहू ने ग्रामीण महिलाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर धान की रोपनी की. इस दौरान खेत में मौजूद महिलाओं ने उनका आत्मीय स्वागत किया. विधायक ने किसानों और महिलाओं से खेती-किसानी. बारिश की स्थिति और फसल से जुड़ी समस्याओं पर भी बातचीत की.
पूर्णिमा दास साहू ने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और उनके अथक परिश्रम से ही लोगों की थाली तक अन्न पहुंचता है. उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और संघर्ष का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है. खेतों में काम करना आसान नहीं होता. इसके बावजूद किसान हर परिस्थिति में मेहनत कर देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं.
इस दौरान विधायक ने अपने बचपन की यादें भी साझा कीं. उन्होंने कहा. “खेत में उतरते ही बचपन के दिन याद आ गए. जब मैं अपनी बुआ के गांव जाती थी तो वहां ग्रामीण महिलाओं के साथ धान की रोपनी किया करती थी. वर्षों बाद फिर वही अनुभव मिला. जिसने मन को भावुक कर दिया.”
ग्रामीण महिलाओं ने विधायक के इस व्यवहार की सराहना करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का खेतों में पहुंचकर किसानों की मेहनत को समझना और उसमें सहभागी बनना प्रेरणादायक है. विधायक के धान रोपनी करने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.





