
सरायकेला: लगभग 48 घंटे तक चले तनाव, इंतजार, वार्ता और लगातार प्रशासनिक प्रयासों के बाद आखिरकार हिमांशु सिंह के पार्थिव शरीर के अंतिम संस्कार का मार्ग प्रशस्त हो गया. सरकार और प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए. इसके साथ ही बीते दो दिनों से पूरे कोल्हान की राजनीति, प्रशासन और समाज का केंद्र बने इस संवेदनशील मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया.


बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार हत्याकांड में घायल होने के बाद हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. इसके बाद परिजनों और समर्थकों ने सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने, मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी देने तथा स्पीडी ट्रायल के माध्यम से दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया था.
बुधवार को पूरे दिन प्रशासन और परिजनों के बीच कई दौर की वार्ता चली. कोल्हान डीआईजी, सरायकेला- खरसावां के उपायुक्त, एडीसी, एसडीएम, एसडीपीओ, जमशेदपुर के एसडीएम, डीडीसी, सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी, एएसपी सहित सरायकेला जिले के लगभग सभी थाना प्रभारी मौके पर मौजूद रहे. कई बार माहौल तनावपूर्ण हुआ, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों, समाज के प्रबुद्धजनों और स्थानीय बुद्धिजीवियों के प्रयास से स्थिति को संभाला गया.
अंततः प्रशासन ने लिखित रूप से आश्वासन दिया कि घटना में लापरवाही बरतने वाले पुलिस पदाधिकारियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. साथ ही मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी देने की अनुशंसा सरकार को भेजी जाएगी. प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया कि फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर स्पीडी ट्रायल के माध्यम से उन्हें कानून के अनुसार कठोर सजा दिलाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा.
लिखित आश्वासन मिलने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार के लिए सहमति दे दी. इसके बाद पूरे घटनाक्रम का सबसे संवेदनशील अध्याय समाप्त हुआ और हिमांशु सिंह के पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई देने की प्रक्रिया शुरू हुई.
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान संयम बनाए रखने वाले स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों तथा प्रशासन की भूमिका की भी सराहना की जा रही है. लोगों का मानना है कि संवेदनशील परिस्थितियों में संवाद और धैर्य के माध्यम से समाधान निकलना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का संकेत है. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन अपने लिखित आश्वासन पर कितनी तेजी और गंभीरता से अमल करता है तथा दोषियों के विरुद्ध आगे क्या कार्रवाई होती है.
Edited By Sarita






