
आदित्यपुर/जमशेदपुर: डबल डाउन बार हत्याकांड में करणी सेना युवा मोर्चा के सरायकेला- खरसावां जिला अध्यक्ष हिमांशु सिंह की हत्या को लेकर सियासी सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है. बुधवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद कराया जाएगा.


रघुवर दास ने कहा कि यह कोई सामान्य हत्या नहीं, बल्कि कानून- व्यवस्था की गंभीर विफलता का मामला है. उन्होंने आरोप लगाया कि घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई और इसके बावजूद अपराधी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए. उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया.
उन्होंने मांग की कि घटना के समय ड्यूटी पर तैनात सभी दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए और उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है, बल्कि यदि जांच में लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए.
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड में कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है और अपराधियों के मन से पुलिस का भय समाप्त हो चुका है. उन्होंने कहा कि सरकार को केवल बयान देने के बजाय धरातल पर प्रभावी कार्रवाई करनी होगी, ताकि आम लोगों का कानून पर भरोसा कायम रह सके.
उन्होंने हिमांशु सिंह के परिजनों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार को मृतक के आश्रित को स्थायी सरकारी नौकरी, उचित मुआवजा तथा दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि स्थायी नौकरी देने का निर्णय लेना है तो सरकार को कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर तत्काल फैसला करना चाहिए.
रघुवर दास ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा अब तक उठाए गए कुछ प्रशासनिक कदम सकारात्मक हैं, लेकिन जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होते और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक लोगों का आक्रोश शांत होना मुश्किल होगा. उन्होंने सरकार से समयबद्ध कार्रवाई करने की अपील की.
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अगले 24 घंटे के भीतर सभी हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होती तो 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक विरोध दर्ज कराया जाएगा.
फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है. पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और शेष आरोपियों की तलाश जारी है. वहीं हिमांशु सिंह हत्याकांड अब कानून- व्यवस्था और राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बन गया है.
Edited By Sarita






