
जमशेदपुर: डबल डाउन क्लब चाकूबाजी कांड में घायल हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया है. इस बीच घटना का कथित सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.


वायरल फुटेज को लेकर दावा किया जा रहा है कि पुलिस की मौजूदगी में पीसीआर वैन से दोनों युवकों को बाहर निकाला गया और उनके साथ मारपीट के बाद चाकू से हमला किया गया. घटना में हिमांशु सिंह की मौत हो चुकी है, जबकि एक अन्य युवक का इलाज जारी है. हालांकि वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की ओर से नहीं की गई है.
हिमांशु सिंह की मौत के बाद स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने मांग की है कि हमलावरों के साथ-साथ घटना के समय मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए. उनका कहना है कि यदि जांच में यह सामने आता है कि सुरक्षा में गंभीर चूक हुई या पुलिस ने अपने कर्तव्य का निर्वहन नहीं किया, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए.
उधर, बिष्टुपुर थाना पुलिस का कहना है कि युवक की मौत के बाद मामले की जांच अब हत्या के एंगल से की जा रही है. पुलिस ने भाजपा नेता एवं बार संचालक नीरज सिंह समेत 11 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है. इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस के अनुसार आदित्यपुर निवासी अरविंद सिंह के बयान पर बिष्टुपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. नामजद आरोपियों में भाजपा नेता नीरज सिंह, बार के सह संचालक विजय कुमार, सोनू राम सरदार, विश्वनाथ मंडल, राहुल, राज लोहार, अमित लोहार, अर्जुन लोहार, गणेश लोहार, लखन तथा एक अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं. सभी पर एकमत होकर जान से मारने की नीयत से धारदार हथियार से हमला करने का आरोप लगाया गया है.
पुलिस सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. बड़ा सवाल ये है कि उन पुलिस कर्मियों के खिलाफ क्या एक्शन लिया जाएगा जिनकी मौजूदगी में इतनी बड़ी घटना हुई ?






