
जामताड़ा: जिले के मिहिजाम क्षेत्र में 25 जून को प्रस्तावित डीवीसी मैथन परियोजना कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन और गेट जाम को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. इसी कड़ी में शुक्रवार को चंदादीप पंचायत भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता चंदादीप पंचायत के मुखिया देवीषण मुर्मू ने की, जिसमें पांच पंचायतों के जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विस्थापित समिति के सदस्य शामिल हुए.


बैठक में विस्थापित समिति के केंद्रीय अध्यक्ष बसु महतो और जिला अध्यक्ष अकबर अंसारी मुख्य रूप से मौजूद रहे. इस दौरान आंदोलन को सफल बनाने के लिए रणनीति तैयार की गई और गांव-गांव जाकर लोगों को आंदोलन से जोड़ने का निर्णय लिया गया.
जिला अध्यक्ष अकबर अंसारी ने कहा कि 25 जून का धरना-प्रदर्शन विस्थापितों के अधिकारों की लड़ाई का महत्वपूर्ण पड़ाव होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि डीवीसी ने विस्थापितों की जमीन पर जलाशय बनाकर करोड़ों रुपये का लाभ अर्जित किया, लेकिन जिन परिवारों ने अपनी जमीन दी, उन्हें आज तक उनका अधिकार, मूलभूत सुविधाएं और न्याय नहीं मिल सका.
चंदादीप पंचायत के मुखिया देवीषण मुर्मू ने कहा कि डीवीसी की स्थापना के कई दशक बाद भी जामताड़ा जिले में कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत अपेक्षित विकास कार्य नहीं हुए हैं. वहीं पियारसोला पंचायत की मुखिया मखनी हेंब्रम ने कहा कि जमीन अधिग्रहण के बाद कई परिवार विस्थापित हो गए, लेकिन उन्हें न तो उचित मुआवजा मिला और न ही वर्ष 1978 के पैनल में उनका नाम जोड़ा गया.
शहरडाल पंचायत के मुखिया ने भी क्षेत्र में सड़क, पेयजल, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि डीवीसी परियोजना बनने के बावजूद आसपास के गांव आज भी विकास से वंचित हैं.
बैठक में निर्णय लिया गया कि 25 जून के आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाने के लिए सभी पंचायतों में जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा. विस्थापितों ने स्पष्ट कहा कि अब उनके अधिकारों की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है और इस बार वे अपने हक के लिए पूरी ताकत के साथ आंदोलन करेंगे.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल


