जामताड़ा:आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व को लेकर रविवार को जामताड़ा थाना परिसर में थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में पुलिस-प्रशासन की ओर से लोगों से त्योहार को आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की गई. साथ ही सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से बचने तथा किसी भी भ्रामक सूचना की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की बात कही गई.

थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो ने कहा कि पर्व के दौरान शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहेगा. असामाजिक तत्वों और सोशल Media पर आपत्तिजनक पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी.
बैठक के दौरान उस समय माहौल गर्म हो गया जब विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और गणमान्य लोगों ने वरिष्ठ प्रशासनिक पदाधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई. कांग्रेस नेता नंदकिशोर सिंह, झामुमो नेता डॉ. अब्दुल मन्नान, भाजपा नेता संतन मिश्रा तथा वरिष्ठ अधिवक्ता शमशुल होदा समेत कई लोगों ने खुलकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई.
वक्ताओं ने कहा कि जामताड़ा थाना में आयोजित होने वाली शांति समिति की बैठक अब केवल खानापूर्ति बनकर रह गई है. जिन अधिकारियों को आम लोगों की समस्याएं सुननी चाहिए और समाधान करना चाहिए, वही बैठक से नदारद रहते हैं. ऐसे में इस तरह की बैठक आयोजित करने का औचित्य समाप्त हो जाता है.
नेताओं ने कहा कि त्योहारों के दौरान आम लोगों की समस्याओं और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों की गैरमौजूदगी से जनता में गलत संदेश जाता है. उन्होंने भविष्य में सभी संबंधित पदाधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की.
वहीं थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो ने पदाधिकारियों की अनुपस्थिति पर सफाई देते हुए कहा कि वरीय अधिकारियों की अन्य प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण वे बैठक में शामिल नहीं हो सके. बावजूद इसके पुलिस प्रशासन पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह तैयार है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल



