चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में मानव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है. पश्चिमी सिंहभूम पुलिस, श्रम विभाग और चाइल्डलाइन इंडिया फाउंडेशन की संयुक्त कार्रवाई में चक्रधरपुर स्थित K2 होटल में छापेमारी कर 6 नाबालिग बच्चों समेत कुल 36 लोगों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया.

जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि होटल में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मजदूरों और बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों में रखा गया है तथा उन्हें गुजरात ले जाकर बंधुआ मजदूरी कराने की तैयारी की जा रही है. सूचना मिलते ही संयुक्त टीम ने होटल को चारों ओर से घेरकर छापेमारी की और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला.
मुक्त कराए गए 6 नाबालिगों में 5 लड़के और 1 लड़की शामिल हैं. बाल कल्याण समिति के निर्देश पर सभी बच्चों को सुरक्षित सेफ होम भेज दिया गया है, जहां उनकी काउंसलिंग और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
जांच में यह भी सामने आया कि सभी लोगों को बस के जरिए गुजरात भेजने की योजना थी. कार्रवाई के दौरान होटल के बाहर खड़ी राजलक्ष्मी ट्रेवल्स की एक बस को भी जब्त किया गया. पुलिस ने मौके से गुजरात के मोरबी निवासी निकुंज गोविंद बोरसानिया और कादिवर निलेश भाई को गिरफ्तार किया है. दोनों के खिलाफ मानव तस्करी, बाल श्रम और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया है.
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि झारखंड के किन- किन इलाकों से मजदूरों को इकट्ठा कर दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा था.
गौरतलब है कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में हाल के दिनों में मानव तस्करी के कई मामले सामने आए हैं. इससे पहले 8 मई को भी चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन से 9 नाबालिगों को बरामद किया गया था, जिन्हें नौकरी का झांसा देकर दूसरे राज्यों में भेजने की तैयारी थी. लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है.



