आदित्यपुर: टाटा- कांड्रा मार्ग पर चल रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान फिलहाल थमा जरूर है, लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कार्रवाई रुकेगी नहीं. आदित्यपुर नगर निगम के प्रशासक रवि प्रकाश ने कहा है कि अतिक्रमणकारियों को किसी भी तरह के मुगालते में नहीं रहना चाहिए, हर हाल में अतिक्रमण हटाया जाएगा.

सोमवार को स्थानीय बीजेपी विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के अनुरोध पर अभियान स्थगित रखा गया. शाम में विधायक ने अतिक्रमणकारी दुकानदारों के साथ बैठक कर नगर निगम और जिला प्रशासन को सहयोग करने की अपील की. बैठक में आदित्यपुर बाजार मास्टर मनोज पासवान भी मौजूद रहे.
बैठक के दौरान चंपाई सोरेन ने प्रशासन से टाटा- कांड्रा मार्ग के सर्विस रोड पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा, वहीं आदित्यपुर थाना रोड, शहरी स्वास्थ्य केंद्र, जियाडा के आगे- पीछे, आकाशवाणी चौक, प्रभात पार्क के फुटपाथी दुकानदारों से सीमित दायरे में दुकान लगाने का अनुरोध किया ताकि आम राहगीरों को परेशानी न हो. उन्होंने जिला प्रशासन से मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई करने की बात कही.
गौरतलब है कि उपायुक्त के निर्देश पर बीते शुक्रवार से टाटा- कांड्रा मार्ग के विभिन्न इलाकों में अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया गया था. सोमवार को यह अभियान आदित्यपुर क्षेत्र में चलाया जाना था, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद इसे रोक दिया गया. इससे पूर्व अभियान की आशंका के बीच सोमवार को इमली चौक क्षेत्र में कई दुकानदारों ने स्वयं ही अपना अतिक्रमण हटा लिया. वहीं आदित्यपुर थाना रोड पर सामान्य दिनों की तुलना में सड़कें वीरान रहीं. आमतौर पर जाम से जूझने वाली सड़क पर कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं, जबकि कई लोगों ने दुकानें लगाई ही नहीं.
इधर गम्हरिया के फुटपाथी दुकानदारों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिली. दुकानदारों का कहना है कि यदि राजनीतिक दबाव में अभियान रोकना ही था तो पहले उन्हें उजाड़ा क्यों गया. उन्होंने सवाल उठाया कि अब उनकी रोजी- रोटी की जिम्मेदारी कौन लेगा.
उल्लेखनीय है कि टाटा-कांड्रा मार्ग के सर्विस रोड, इमली चौक, शेर-ए-पंजाब, आदित्यपुर थाना रोड, आकाशवाणी चौक, जियाडा क्षेत्र, प्रभात पार्क और खरकाई पुल के आसपास बढ़ते अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने यह अभियान शुरू किया था. प्रशासन का दावा है कि अभियान का उद्देश्य सड़क जाम की समस्या कम करना और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना है.
हालांकि पूरे मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है. स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि बीजेपी शासित राज्यों में बुलडोजर कार्रवाई की चर्चा होती रही है, लेकिन सरायकेला में बीजेपी विधायक द्वारा अतिक्रमणकारियों के पक्ष में हस्तक्षेप करने से नई बहस शुरू हो गई है. कुछ लोग इसे वोट बैंक की राजनीति से जोड़कर भी देख रहे हैं. वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं निकाला गया. वेंडर जोन विकसित करने की दिशा में कोई गंभीर पहल नहीं हुई. साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि सर्विस रोड के दोनों ओर बिना समुचित पार्किंग व्यवस्था के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को बढ़ावा कैसे मिला और सड़क किनारे पार्किंग के लिए जिम्मेदार कौन है.



